तेजस्वी यादव का नीतीश सरकार पर हमला, बिहार की स्थिति पर उठाए सवाल
बिहार की राजनीति में उथल-पुथल
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार की सरकार पर तीखा हमला करते हुए ट्वीट किया है। उनके बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। जदयू और बीजेपी ने तेजस्वी पर पलटवार करते हुए लालू यादव को भी निशाने पर लिया, जबकि राजद और कांग्रेस ने तेजस्वी का समर्थन किया। तेजस्वी ने बिहार की डबल इंजन सरकार को हर मोर्चे पर विफल करार दिया है। उन्होंने कहा कि 21 वर्षों के एनडीए शासन के बाद भी बिहार विकास के सभी मानकों में राष्ट्रीय औसत से काफी पीछे है।
रविवार को तेजस्वी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि 21 वर्षों की एनडीए सरकार और 12 वर्षों की डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में शिक्षा, रोजगार, औद्योगिक विकास, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य सामाजिक-आर्थिक संकेतकों में बिहार सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि बिहार को सबसे गरीब राज्य बताने पर भ्रष्ट नेताओं को अपमान महसूस होता है, क्योंकि यह उनके झूठ और असफलताओं को उजागर करता है। अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए सरकार चुनाव आयोग, भ्रष्ट अधिकारियों और सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर रही है।
इस पर बीजेपी के प्रवक्ता नीरज कुमार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तेजस्वी अपने माता-पिता के शासनकाल में बिहार की दुर्दशा को भूल जाते हैं। उन्होंने कहा कि लालू यादव के शासन में विकास ठप हो गया था और अपराध बढ़ गया था। नीरज ने तेजस्वी के ट्वीट को झूठ का पुलिंदा करार दिया और कहा कि आज बिहार हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है।
जदयू के प्रवक्ता ने भी तेजस्वी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपने माता-पिता के शासन का जिक्र करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें क्वीट कर दिया है और अब कोई उनकी बातों पर ध्यान नहीं देता।
राजद के प्रवक्ता एजाज अहमद ने पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी और जदयू के नेताओं को तेजस्वी का नाम लिए बिना चैन नहीं आता। वहीं, कांग्रेस के प्रवक्ता असीत नाथ तिवारी ने आरोप लगाया कि इन नेताओं ने खैरात बांटकर बिहार को कंगाल कर दिया है।