तृणमूल कांग्रेस में अनुब्रत मंडल का बागी गुट में शामिल होना: राजनीतिक हलचल
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अनुब्रत मंडल ने बागी गुट में शामिल होकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी है। इस कदम से ज़िले की राजनीतिक स्थिति में बदलाव की संभावना है। मंडल, जो लंबे समय से ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी रहे हैं, ने इस निर्णय के पीछे की वजहों पर चर्चा की है। जानें इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बारे में और क्या हो सकता है आगे।
Jul 11, 2026, 19:22 IST
अनुब्रत मंडल का बागी गुट में शामिल होना
तृणमूल कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका, जब पार्टी के वरिष्ठ नेता अनुब्रत मंडल ने शनिवार को बागी गुट में शामिल होने का निर्णय लिया। यह पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। विपक्ष के नेता रिताब्रता बनर्जी ने मंडल के इस कदम की पुष्टि की और उन्हें बागी गुट का बीरभूम जिला अध्यक्ष नियुक्त किया। इस घटनाक्रम से ज़िले की राजनीतिक स्थिति में बदलाव की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि अनुब्रत मंडल को लंबे समय से TMC के प्रमुख नेताओं में से एक माना जाता रहा है।
राजनीतिक घटनाक्रम की पृष्ठभूमि
सूत्रों के अनुसार, यह घटनाक्रम शुक्रवार को तब तेज हुआ जब पश्चिम बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बंद्योपाध्याय, जो पहले ही रिताब्रता गुट में शामिल हो चुके हैं, ने विधानसभा में विपक्ष के नेता से मुलाकात की। इसके बाद, बागी गुट के एक विधायक ने मंडल से संपर्क किया और उनके शामिल होने के बारे में चर्चा की। कहा जा रहा है कि मंडल ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।
अनुब्रत मंडल और ममता बनर्जी का रिश्ता
अनुब्रत मंडल ने ममता बनर्जी का साथ क्यों छोड़ा?
अनुब्रत मंडल को वर्षों से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी राजनीतिक सहयोगियों में से एक माना जाता रहा है। ममता बनर्जी ने कई बार राजनीतिक विवादों और कानूनी चुनौतियों के दौरान उनका समर्थन किया है। मंडल ने भी TMC की नेतृत्व के प्रति अपनी वफादारी को बनाए रखा और बार-बार कहा कि ममता बनर्जी ही पार्टी का असली चेहरा हैं।