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तलाक के बाद बच्चे की भावनात्मक स्थिति ने सबको किया प्रभावित

ग्वालियर में एक तलाक के मामले में बच्चे की कस्टडी के दौरान एक भावनात्मक दृश्य सामने आया। जब मां को बच्चे की कस्टडी सौंपी गई, तो बच्चा अपने पिता से अलग होने को तैयार नहीं था। यह घटना न केवल परिवार के लिए, बल्कि समाज के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश लेकर आई है। जानिए इस दिल दहला देने वाली कहानी के बारे में और कैसे यह बच्चों की भावनाओं को प्रभावित करती है।
 

बच्चे की कस्टडी और भावनात्मक पल


नारी डेस्क: कभी-कभी माता-पिता की जिद्द बच्चों के जीवन को प्रभावित कर देती है। तलाक का सबसे गहरा असर बच्चों पर पड़ता है। हाल ही में ग्वालियर के भितरवार में एक ऐसा ही मामला सामने आया, जहां एक पारिवारिक विवाद का परिणाम तलाक के रूप में निकला। जब मां को बच्चे की कस्टडी दी गई, तो नन्हा बच्चा अपने पिता की गोद से उतरने को तैयार नहीं था। यह दृश्य सभी के लिए भावनात्मक था।


सोमप्रीत कौर, जो आठ दिन पहले अपने ससुराल से गायब हो गई थी, को पुलिस ने पंजाब के एक गुरुद्वारे से खोज निकाला। इस दौरान, उसका छोटा बच्चा पिता के परिवार के पास था। सोमप्रीत ने अपने ससुराल वालों पर परेशान करने का आरोप लगाया और तलाक लेकर अपने मायके लौटने की इच्छा जताई। बातचीत के बाद, दोनों परिवारों ने आपसी सहमति से अलग होने का निर्णय लिया और बच्चे की कस्टडी मां को सौंपने पर सहमत हुए।



हालांकि, बच्चे को मां को सौंपने का पल बेहद भावनात्मक बन गया। जैसे ही बच्चे को मां के पास दिया गया, दादा रोने लगे और अपनी भावनाओं को संभाल नहीं पाए। पिता चुपचाप खड़े थे, अपने सामने इस दर्दनाक जुदाई को देख रहे थे। बच्चा, जो स्पष्ट रूप से कन्फ्यूज्ड था, स्थिति को समझने में कठिनाई महसूस कर रहा था, जिससे यह पल और भी दिल दहला देने वाला बन गया।


वायरल हो रहे वीडियो में देखा गया कि बच्चा अपने पिता से चिपका हुआ है और मां के पास जाने से मना कर रहा है। जब मां ने उसे गोद में लिया, तो वह रोने लगा। इस घटना ने शादी के झगड़ों की इंसानी कीमत और टूटे रिश्तों के बीच फंसे बच्चों की चुपचाप तकलीफ को उजागर किया है।