तरुण तेजपाल की बेटी कारा ने पिता के समर्थन में उठाई आवाज
कारा तेजपाल का समर्थन
पणजी, आठ अगस्त: तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल की बेटी, कारा तेजपाल, ने शनिवार को अपने पिता के बचाव में बयान दिया। उन्होंने मुंबई उच्च न्यायालय द्वारा उनके पिता को दोषी ठहराए जाने को उनकी खोजी पत्रकारिता से जोड़ा और कहा कि उन्हें इस बात की परवाह नहीं है कि लोग उन्हें बलात्कार का समर्थन करने वाली या बलात्कारी की बेटी कहें। कारा ने बताया कि उन्होंने 13 वर्षों तक इस मामले में पेश किए गए साक्ष्यों का गहन अध्ययन किया है और इस नतीजे पर पहुंची हैं कि उनके पिता निर्दोष हैं।
कारा ने कहा, 'जब मेरे पिता को गिरफ्तार किया गया, तब मैं 23 साल की थी। जब उन्हें बरी किया गया, तब मैं 31 साल की थी, और आज 36 साल की उम्र में मैं उनके साथ खड़ी हूं। मुंबई उच्च न्यायालय ने गोवा सरकार की ओर से दर्ज की गई एक झूठी शिकायत के आधार पर उन्हें दोषी ठहराया है।' उच्च न्यायालय ने हाल ही में तेजपाल को 2013 में अपनी एक कनिष्ठ सहयोगी के साथ बलात्कार का दोषी पाया और निचली अदालत के 2021 के बरी करने के फैसले को पलट दिया।
यह निर्णय गोवा सरकार द्वारा उनके बरी होने के खिलाफ दायर अपील के परिणामस्वरूप आया। कारा ने कहा कि जब उनके पिता को गिरफ्तार किया गया था, तब वह सच बोलने से डर रही थीं और मीडिया कवरेज का उन पर गहरा प्रभाव पड़ा था। अब, वह अपने पिता का समर्थन करने के कारण होने वाली आलोचना के बावजूद चुप नहीं रहना चाहतीं।
उन्होंने कहा, 'मैं अब वह 23 साल की लड़की नहीं हूं। मैं 36 साल की हूं और मुझे इस बात की बिल्कुल परवाह नहीं है कि मुझे ‘बलात्कार का समर्थन करने वाली’, ‘बलात्कारी की बेटी’ या किसी अन्य अपमानजनक शब्द से बुलाया जाए।' कारा ने इस मामले को तहलका की खोजी पत्रकारिता, भ्रष्टाचार पर पत्रिका की रिपोर्ट से जुड़े विवादों और सत्ता में बैठे लोगों के कथित गलत कामों से भी जोड़ा।
उन्होंने यह भी कहा कि तहलका के काम के कारण उनके पिता को निशाना बनाया गया और बलात्कार का आरोप उन्हें चुप कराने के लिए लगाया गया। तेजपाल को नवंबर 2013 में गोवा में तहलका पत्रिका के एक कार्यक्रम के दौरान एक होटल की लिफ्ट में अपनी कनिष्ठ सहकर्मी का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।