तमिलनाडु विधानसभा में विश्वास मत पर हंगामा, पलानीस्वामी ने लगाए गंभीर आरोप
तमिलनाडु की राजनीति में भूचाल
बुधवार को तमिलनाडु की विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय के विश्वास मत के दौरान एक बड़ा राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। AIADMK के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल ने उनके विधायकों को खरीदने की कोशिश की है।
EPS के गंभीर आरोप
सदन में विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान, EPS ने कहा कि उनके विधायकों को मुख्यमंत्री विजय के पक्ष में वोट देने के लिए भारी मात्रा में नकद राशि की पेशकश की गई थी। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या और 'हॉर्स-ट्रेडिंग' करार दिया, यह कहते हुए कि पार्टी के वफादार सदस्यों को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। EPS ने स्पष्ट किया कि AIADMK के 47 विधायक विजय सरकार के विश्वास प्रस्ताव के खिलाफ मतदान करेंगे।
AIADMK में आंतरिक कलह
EPS के आरोपों के बीच, पार्टी में आंतरिक मतभेद भी खुलकर सामने आए। जहां पलानीस्वामी विरोध का सामना कर रहे थे, वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता SP वेलुमणि ने मुख्यमंत्री विजय का समर्थन करने का निर्णय लिया, जिससे AIADMK में स्पष्ट विभाजन की स्थिति उत्पन्न हो गई।
विजय की अग्निपरीक्षा
हाल ही में मुख्यमंत्री बने विजय के लिए यह विश्वास मत उनकी पहली बड़ी परीक्षा है। वर्तमान में, मुख्यमंत्री के पास 119 विधायकों का समर्थन है। हालांकि, आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, AIADMK का कोई विधायक औपचारिक रूप से उनके समर्थन में नहीं था, लेकिन वेलुमणि के बयान ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।
सदन में हंगामा
जैसे ही EPS ने 'कैश की पेशकश' का मुद्दा उठाया, सदन में हंगामा मच गया। सत्तारूढ़ TVK के सदस्यों ने इन आरोपों का विरोध किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि AIADMK के भीतर की यह खींचतान न केवल पार्टी के भविष्य के लिए खतरा है, बल्कि यह राज्य की राजनीति में एक नए ध्रुवीकरण की शुरुआत भी कर सकती है।
अंतिम मतदान की प्रतीक्षा
वर्तमान में सदन की कार्यवाही हंगामे में फंसी हुई है, और सभी की नजरें अंतिम मतदान पर टिकी हैं, यह देखने के लिए कि क्या EPS अपने समर्थकों को एकजुट रख पाएंगे या नहीं।