तमिलनाडु में महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता योजना की शुरुआत
महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता योजना
तमिलनाडु की स्टालिन सरकार ने महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए एक नई योजना की घोषणा की है। इस योजना के अंतर्गत, परिवार की महिला मुखिया को हर महीने 1,000 रुपये दिए जाएंगे। इस योजना का नाम 'कलैग्नार मगलिर उरीमई थोगई थिट्टम' रखा गया है, और इसका उद्देश्य लगभग 1 करोड़ महिलाओं को लाभ पहुंचाना है। मुख्यमंत्री स्टालिन ने योजना के लॉन्च के दौरान कहा कि महिलाओं की भूमिका को अक्सर कमतर आंका जाता है और उनके अधिकारों की अनदेखी की जाती है। यह योजना महिलाओं को सशक्त बनाने में सहायक होगी।
योजना की विशेषताएँ
इस योजना के लिए आवेदन करने वाले परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। इसके अलावा, लाभार्थी परिवार को प्रति वर्ष 3,600 यूनिट से अधिक बिजली का उपयोग नहीं करना चाहिए। योजना का लाभ उठाने वाली महिला की उम्र 21 वर्ष होनी आवश्यक है, और केवल वे महिलाएँ जो 15 सितंबर 2002 से पहले जन्मी हैं, इस योजना का लाभ ले सकती हैं।
आवेदन प्रक्रिया
इस योजना के लिए परिवार का कार्ड रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। जिन परिवारों का कार्ड बना हुआ है, वे इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। एक कार्ड पर केवल एक लाभार्थी को ही भुगतान किया जाएगा। योजना के तहत, परिवार की महिला मुखिया को 1,000 रुपये मिलेंगे, और यह राशि उनके खाते में हर महीने जमा की जाएगी। यदि परिवार के मुखिया के रूप में पुरुष का नाम है, तो उनकी पत्नी को लाभार्थी बनाया जाएगा।
अन्य लाभार्थी
यदि किसी परिवार के मुखिया की पत्नी का नाम कार्ड में नहीं है, तो किसी अन्य महिला को लाभार्थी बनाया जा सकता है, बशर्ते उसकी उम्र 21 वर्ष से कम न हो। इसके अलावा, यदि परिवार में कोई विधवा, अविवाहित या ट्रांसजेंडर मुखिया है, तो उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री स्टालिन ने बताया कि यह योजना कलैग्नार के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में शुरू की गई है।