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तमिलनाडु में नए मुख्यमंत्री के रूप में पलानीस्वामी का आगमन, मतदान में वृद्धि पर संतोष

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने घोषणा की है कि एडप्पाडी के पलानीस्वामी 4 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे। उन्होंने मतदान में हो रही वृद्धि पर संतोष व्यक्त किया है, जो पिछले ढाई वर्षों में किए गए कार्यों का परिणाम है। गोयल ने टीएमसी और डीएमके सरकारों पर कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ने का आरोप लगाया और विश्वास जताया कि दोनों राज्यों के सत्ताधारी परिवार जल्द ही सत्ता से बाहर होंगे। तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में मतदान प्रतिशत भी काफी बढ़ा है, जो लोकतंत्र की मजबूती को दर्शाता है।
 

पलानीस्वामी का मुख्यमंत्री पद ग्रहण

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को जानकारी दी कि अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम के महासचिव एडप्पाडी के पलानीस्वामी 4 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे। उन्होंने मतदान में हो रही वृद्धि पर संतोष व्यक्त किया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए गोयल ने कहा कि पलानीस्वामी का मुख्यमंत्री बनना एक महत्वपूर्ण कदम है। पिछले ढाई वर्षों में तमिलनाडु में किए गए कार्यों के परिणाम अब मतदान प्रतिशत में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। ये परिणाम इस बात का संकेत हैं कि चुनाव आयोग ने चुनावी प्रक्रिया में सुधार किया है, जिसे ममता बनर्जी ने वर्षों तक बाहरी तत्वों के माध्यम से भ्रष्ट कर रखा था।


कानून-व्यवस्था पर गोयल का बयान

गोयल ने टीएमसी और डीएमके सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह बिगड़ चुकी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों राज्यों के सत्ताधारी परिवार जल्द ही सत्ता से बाहर होंगे। गोयल ने कहा कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी ने कानून-व्यवस्था को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है, और तमिलनाडु में भी स्थिति कुछ अलग नहीं है। उन्हें पूरा विश्वास है कि तमिलनाडु में स्टालिन परिवार सत्ता से बेदखल होगा और ममता बनर्जी तथा अभिषेक बनर्जी के परिवारों द्वारा अपनाई जा रही डराने-धमकाने की रणनीति का अंत होगा, जिससे जनता को शांति और सुकून मिल सकेगा।


तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में मतदान

भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के अनुसार, तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में भारी मतदान हुआ है, जिसमें शाम 5 बजे तक 82.24% मतदान दर्ज किया गया। दिन के बढ़ने के साथ-साथ मतदान में तेजी आई और कई जिलों में 80% से अधिक मतदान हुआ। करूर में सबसे अधिक 89.32% मतदान हुआ, इसके बाद सलेम में 88.02%, इरोड में 87.59%, धर्मपुरी में 87.28% और तिरुप्पुर में 86.33% मतदान हुआ। अरियालुर में 83.09%, तिरुचिरापल्ली में 82.76% और चेन्नई में 81.34% मतदान हुआ, जो शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की मजबूत भागीदारी को दर्शाता है। वहीं, मदुरै (77.89%) और थूथुकुडी (77.56%) में भी महत्वपूर्ण मतदान हुआ।