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तमिलनाडु में DMK और TVK के बीच राजनीतिक टकराव तेज

तमिलनाडु की राजनीति में एक नया विवाद उभरा है, जब DMK और नवगठित TVK के बीच तीखे हमले शुरू हुए। मुख्यमंत्री विजय द्वारा DMK पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद, विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने व्यक्तिगत टिप्पणियां कीं। इस विवाद ने विधानसभा में एक नई उथल-पुथल पैदा कर दी है, जिसमें दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। जानें इस राजनीतिक टकराव के पीछे की पूरी कहानी।
 

तमिलनाडु की सियासत में उथल-पुथल

तमिलनाडु की राजनीति में एक नया विवाद उत्पन्न हुआ है, जब सत्तारूढ़ DMK और नवगठित तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के बीच तीखे हमले शुरू हो गए। यह टकराव तब शुरू हुआ जब विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय पर व्यक्तिगत टिप्पणी की। यह विवाद मुख्यमंत्री विजय द्वारा DMK सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद और उदयनिधि के पलटवार के चलते बढ़ा।


विजय के आरोपों पर DMK का विरोध

विधानसभा में अपने भाषण के दौरान, विजय ने पूर्व DMK सरकार पर आरोप लगाया कि उसने पार्टी फंड के नाम पर जनता के धन का दुरुपयोग किया। उन्होंने यह भी कहा कि TVK सरकार भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी। उनके इस बयान पर DMK के सदस्यों ने तुरंत आपत्ति जताई और उदयनिधि ने सबूत पेश करने की मांग की। इसके बावजूद, स्पीकर ने विजय को बोलने की अनुमति दी, जिसके बाद विपक्षी सदस्यों ने सदन से बाहर जाने का निर्णय लिया।


उदयनिधि का व्यक्तिगत हमला

विधानसभा सत्र के बाद, उदयनिधि स्टालिन ने विजय पर तीखा हमला किया। उन्होंने विजय की टिप्पणियों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने किसानों का अपमान किया। इसके बाद, उन्होंने व्यक्तिगत हमले करते हुए "चेंगलपट्टू कोर्ट में पति की तलाश कर रही पत्नी" का उदाहरण दिया, जो विजय और उनकी पत्नी के बीच चल रही तलाक की कार्यवाही की ओर इशारा करता है।


TVK का DMK पर पलटवार

उदयनिधि की टिप्पणियों का जवाब देते हुए, TVK ने DMK पर आरोप लगाया कि वह भ्रष्टाचार के मुद्दों से बचने के लिए व्यक्तिगत हमले कर रही है। पार्टी ने कहा कि जब भी विजय भ्रष्टाचार से संबंधित मुद्दे उठाते हैं, DMK नेता जवाब देने में असफल रहते हैं और व्यक्तिगत हमलों का सहारा लेते हैं। TVK ने यह भी कहा कि विपक्ष विधानसभा में उठाए गए मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।