×

तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय ने शपथ लेते ही उठाए महत्वपूर्ण कदम

तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री चंद्रशेखर जोसेफ विजय ने 10 मई को शपथ लेने के बाद कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। उन्होंने मुफ्त बिजली, मादक पदार्थों पर सख्त कार्रवाई और महिलाओं की सुरक्षा के लिए उपायों की घोषणा की। विजय ने अपने पहले संबोधन में जनता से वादे किए कि वे भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेंगे और एक पारदर्शी सरकार का निर्माण करेंगे। जानें उनके पहले कदम और भविष्य की योजनाओं के बारे में।
 

मुख्यमंत्री के रूप में विजय का पहला कदम

10 मई को चेन्नई में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद, चंद्रशेखर जोसेफ विजय ने अपने पहले निर्णयों में मुफ्त बिजली, मादक पदार्थों पर सख्त कार्रवाई और महिलाओं की सुरक्षा के लिए उपायों को शामिल किया। उन्होंने नेहरू स्टेडियम में एक भव्य समारोह में पद ग्रहण किया, जहां राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उन्हें शपथ दिलाई।


महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर

कार्यभार संभालने के तुरंत बाद, विजय ने तीन महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर किए। पहली फाइल में राज्य के हर घर के लिए 200 यूनिट मुफ्त बिजली की मंजूरी दी गई। दूसरी फाइल में मादक पदार्थों के खतरे से निपटने के लिए एक विशेष कार्यबल का गठन किया गया, जबकि तीसरी फाइल महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक समर्पित तंत्र बनाने पर केंद्रित थी।


पहले संबोधन में विजय का संदेश

अपने पहले संबोधन में, विजय ने कहा कि वे किसी राजसी परिवार से नहीं आते और लोगों का समर्थन पाने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि वे आम लोगों के बीच से आए हैं और सिनेमा में उन्हें जो स्थान मिला है, उसके लिए आभार व्यक्त किया।


उन्होंने यह भी कहा कि लोगों ने उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया और आज उन्हें मुख्यमंत्री बनाया है। विजय ने विश्वास दिलाया कि वे किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।


जनता से वादे

विजय ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार झूठे वादों से नागरिकों को गुमराह नहीं करेगी और जनता से परिणाम देने के लिए उचित समय मांगा। उन्होंने कहा कि वे तमिलनाडु की जनता से वादा करते हैं कि वे एक भी रुपये का दुरुपयोग नहीं करेंगे और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेंगे।


उन्होंने यह भी कहा कि यह सरकार जनता की होगी और वे मिलकर एक मजबूत और बेहतर तमिलनाडु का निर्माण करेंगे।


पिछली सरकार पर निशाना

विजय ने पूर्व द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (डीएमके) सरकार पर आरोप लगाया कि राज्य पर लगभग 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए तमिलनाडु के वित्त पर एक श्वेत पत्र जारी करने पर विचार कर रही है।