तमिलनाडु की राजनीति में विजय की संभावित जीत: 13 मई का शक्ति परीक्षण
राजनीतिक हलचल और विजय का उदय
तमिलनाडु की राजनीति में विजय की एंट्री के बाद से गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। अब, घटनाक्रम ने एक नया मोड़ लिया है, जिसमें विजय को सरकार बनाने का अवसर मिलने की चर्चा जोरों पर है। राज्यपाल ने 13 मई तक विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए विश्वास प्रस्ताव पेश करने का निर्देश दिया है।
सूत्रों के अनुसार, वर्तमान राजनीतिक समीकरणों में बदलाव के चलते कई विधायकों का समर्थन विजय की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। इससे राज्य की राजनीति में एक नया समीकरण बनता नजर आ रहा है। विजय और उनके समर्थकों का दावा है कि उन्हें पर्याप्त समर्थन प्राप्त है और वे सदन में आसानी से बहुमत साबित कर देंगे।
विपक्ष ने इस घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यह जनता के जनादेश के साथ खिलवाड़ है और सत्ता हासिल करने के लिए राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। विपक्ष ने फ्लोर टेस्ट की प्रक्रिया पर नजर रखने की बात कही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि विजय बहुमत साबित करने में सफल होते हैं, तो यह तमिलनाडु की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव होगा। फिल्म उद्योग से राजनीति में आए विजय ने कम समय में युवाओं और नए मतदाताओं के बीच एक मजबूत आधार बनाया है। उनकी सभाओं में उमड़ने वाली भीड़ ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि वे राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं।
अब सभी की नजरें 13 मई पर हैं, जब विधानसभा में शक्ति परीक्षण होगा। इस फ्लोर टेस्ट से यह स्पष्ट होगा कि तमिलनाडु की सत्ता किसके हाथ में जाएगी और क्या विजय वास्तव में राज्य के अगले मुख्यमंत्री बन पाएंगे।