×

तमिलनाडु की राजनीति में उथल-पुथल: विजय की पार्टी का बहुमत का संघर्ष

तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों एक गंभीर संकट चल रहा है, जहां विजय की पार्टी TVK सरकार बनाने के लिए संघर्ष कर रही है। विजय ने 117 विधायकों के समर्थन का दावा किया है, लेकिन बहुमत के लिए आवश्यक आंकड़ा अभी भी दूर है। राज्यपाल से मुलाकात के दौरान कई विवाद उठे हैं, जिसमें AMMK विधायक के हस्ताक्षर की वैधता पर सवाल उठाए गए हैं। इस राजनीतिक ड्रामे में हर घंटे नई घटनाएं सामने आ रही हैं, जो स्थिति को और भी जटिल बना रही हैं।
 

राजनीतिक संकट की गहराई

तमिलनाडु की राजनीतिक स्थिति इन दिनों काफी तनावपूर्ण है। विजय की पार्टी, तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK), सरकार बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन 'जादुई आंकड़े' की खोज हर घंटे और भी जटिल होती जा रही है। शुक्रवार को जब विजय ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से तीसरी बार मुलाकात की, तो ऐसा लगा कि समस्या का समाधान हो गया है, लेकिन वास्तविकता कुछ और ही थी। लोक भवन के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि विजय ने 117 विधायकों के समर्थन का दावा किया था, जो 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए आवश्यक 118 से केवल एक कदम पीछे है।


समर्थन का विवरण

समर्थन का विवरण इस प्रकार है: TVK: 107 विधायक (कुल 108 सीटें जीतीं, लेकिन विजय द्वारा एक सीट छोड़ने की संभावना के कारण प्रभावी संख्या 107 मानी जा रही है)। कांग्रेस: 05 विधायक, वामपंथी दल: 04 विधायक, AMMK: 01 विधायक। कुल दावा: 117।


विजय ने शनिवार सुबह 11 बजे शपथ ग्रहण करने की अनुमति मांगी, लेकिन राज्यपाल ने बहुमत की कमी के कारण उन्हें वापस भेज दिया। दिनाकरन ने राज्यपाल को सूचित किया कि AMMK के एकमात्र विधायक का हस्ताक्षर जाली है।


AMMK विधायक की प्रतिक्रिया

इस बीच, TVK ने AMMK विधायक कामराज से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। एक घंटे के भीतर, AMMK विधायक चेन्नई में सामने आए। दिनाकरन के साथ मिलकर, दोनों ने राज्यपाल से मुलाकात की और विजय की पार्टी TVK पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया। AMMK विधायक ने कहा कि उनके हस्ताक्षर असली नहीं हैं। दिनाकरन ने राज्यपाल को बताया कि AMMK पूरी तरह से NDA गठबंधन का हिस्सा है।


TVK का वीडियो और VCK का समर्थन

TVK ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें कामराज को विजय की पार्टी को समर्थन देने वाला पत्र लिखते हुए दिखाया गया। इसके अलावा, लोक भवन के सूत्रों ने बताया कि DMK गठबंधन का हिस्सा रही VCK ने राज्यपाल को समर्थन का कोई पत्र नहीं सौंपा था। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि VCK ने ईमेल के माध्यम से अपना समर्थन भेजा था, लेकिन लोक भवन के सूत्रों ने पुष्टि की कि गवर्नर को यह समर्थन प्राप्त नहीं हुआ है। तमिलनाडु का यह राजनीतिक ड्रामा हर गुजरते घंटे के साथ और भी अधिक अप्रत्याशित होता जा रहा है।