तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों का मतदान: लोकतंत्र की जीवंतता
तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के दौरान मतदान की प्रक्रिया में लोकतंत्र की जीवंतता देखने को मिल रही है। मतदाताओं में उत्साह के साथ-साथ सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ने चुनावी माहौल को महत्वपूर्ण बना दिया है। तमिलनाडु में 5.73 करोड़ मतदाता हैं, जबकि पश्चिम बंगाल में 3.6 करोड़ से अधिक मतदाता मतदान कर रहे हैं। दोनों राज्यों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जानें और क्या कुछ हो रहा है इन चुनावों में।
Apr 23, 2026, 11:34 IST
मतदान का उत्साह और सुरक्षा व्यवस्था
तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के दौरान लोकतंत्र का जीवंत स्वरूप देखने को मिल रहा है। मतदाताओं में उत्साह के साथ-साथ सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ने चुनावी माहौल को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है।
तमिलनाडु में मतदान की प्रक्रिया
तमिलनाडु में मतदान सुबह सात बजे से शुरू हुआ, जहां कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं। सत्तारूढ़ द्रमुक और मुख्य विपक्षी पार्टी अन्नाद्रमुक के बीच सीधा मुकाबला हो रहा है, जबकि अभिनेता विजय के नेतृत्व वाला दल और सीमैन भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं। कई प्रमुख नेताओं ने सुबह ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिनमें अन्नाद्रमुक नेता ईके पलानीस्वामी, कांग्रेस के पी चिदंबरम, भाजपा की तमिलिसाई सौंदरराजन और सीमैन शामिल हैं। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन, अभिनेता रजनीकांत और विजय ने भी मतदान किया। केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन और भाजपा नेता खुशबू ने भी मतदान में भाग लिया।
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से लोकतंत्र के इस पवित्र कर्तव्य में भाग लेने की अपील की, विशेषकर युवाओं और महिलाओं से अधिक संख्या में मतदान करने का आग्रह किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मतदाताओं से ऐसी सरकार चुनने की अपील की जो जनता की आकांक्षाओं को पूरा करे। भाजपा के जेपी नड्डा ने भ्रष्टाचार और हिंसा के मुद्दों पर परिवर्तन की आवश्यकता पर जोर दिया।
मतदाता संख्या और मतदान केंद्र
राज्य में कुल 5.73 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 2.93 करोड़ महिलाएं और 2.83 करोड़ पुरुष शामिल हैं। 234 सदस्यीय विधानसभा के लिए 4023 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान के लिए हजारों केंद्र बनाए गए हैं और इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीनें तथा सत्यापन प्रणाली तैनात की गई हैं। शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 300 कंपनियां और राज्य पुलिस बल तैनात किया गया है।
युवाओं की भागीदारी और विवाद
पहली बार मतदान करने वाले युवाओं की संख्या भी काफी है, जो लोकतंत्र में नई ऊर्जा का संकेत है। बुजुर्ग मतदाताओं के लिए घर से मतदान की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मतदान केंद्रों पर पेयजल, शौचालय, रैंप और व्हीलचेयर जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। हालांकि, अभिनेता विजय ने चुनाव आयोग से मतदान का समय बढ़ाने की मांग की है, जबकि सेलम में अन्नाद्रमुक और द्रमुक समर्थकों के बीच झड़प भी हुई।
पश्चिम बंगाल में मतदान का पहला चरण
पश्चिम बंगाल में भी विधानसभा चुनाव के पहले चरण के तहत 152 सीटों पर मतदान शुरू हुआ। यहां 3.6 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं, और सभी मतदान केंद्रों पर कैमरे लगाए गए हैं। मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ दल और भाजपा के बीच है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी योजनाओं और क्षेत्रीय पहचान के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही हैं, जबकि भाजपा भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को प्रमुखता दे रही है।
महत्वपूर्ण सीटों पर मुकाबला
नंदीग्राम, भबानीपुर, खड़गपुर और आसनसोल जैसी सीटों पर कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। चुनाव से पहले प्रचार के दौरान राजनीतिक तनाव चरम पर था। पश्चिम बंगाल में मुकाबला बेहद कड़ा है, जहां सत्तारूढ़ दल को अपने संगठन और कल्याणकारी योजनाओं पर बढ़त की उम्मीद है, जबकि भाजपा अपने बढ़ते जनाधार और आक्रामक प्रचार के दम पर सत्ता के लिए दावेदारी कर रही है।