डोनाल्ड ट्रंप का सऊदी क्राउन प्रिंस पर हमला, भारत से मदद की गुहार
डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को मंच पर अपशब्द कहे हैं, जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है। अमेरिका ने 300 सैनिकों को तैनात किया है और सऊदी अरब अब भारत से मदद की गुहार कर रहा है। जानें इस जटिल स्थिति के पीछे के कारण और ट्रंप की रणनीति क्या है।
Mar 30, 2026, 19:52 IST
मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती
अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में 300 सैनिकों को तैनात किया है। यह कदम ईरान में संभावित जमीनी ऑपरेशन की तैयारी के तहत उठाया गया है। डोनाल्ड ट्रंप के लिए यह स्थिति इज्जत का सवाल बन गई है, क्योंकि नाटो देशों ने अमेरिका का समर्थन करने से मना कर दिया है। इसी संदर्भ में, ट्रंप ने मंच पर सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को अपशब्द कहे। यह भी चौंकाने वाला है कि मोहम्मद बिन सलमान ने पीएम मोदी से फोन पर बातचीत की है। दरअसल, ट्रंप ने मोहम्मद बिन सलमान को कहा कि 'तुम मेरी चापलूसी करो', जो कि एक अपमानजनक टिप्पणी है। हम आगे इस बयान का विवरण देंगे और यह भी बताएंगे कि मोहम्मद बिन सलमान ने पीएम मोदी से क्या कहा।
ईरान और सऊदी अरब के बीच तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका को ईरान पर हमले के लिए सऊदी अरब ने भी उकसाया था। ईरान और सऊदी अरब के बीच तनाव के तीन मुख्य कारण हैं: क्षेत्रीय प्रभुत्व, धार्मिक मतभेद (शिया बनाम सुन्नी), और जियोपॉलिटिकल हित। 1979 की ईरानी क्रांति के बाद से, ईरान ने सऊदी अरब की राजशाही के लिए खतरा पैदा किया, जिसके बाद दोनों देशों के बीच वर्चस्व की लड़ाई शुरू हुई। अब यह लड़ाई सीधे संघर्ष में बदल चुकी है। सऊदी अरब के कहने पर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया, और यह बात अन्य खाड़ी देशों को भी पता है।
ट्रंप और सऊदी अरब के बीच डील का संकट
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप और सऊदी अरब के बीच ईरान पर हमले को लेकर एक डील हुई थी, जो अब अटक गई है। ट्रंप एक बिजनेसमैन हैं और अपने हितों के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। संभव है कि ट्रंप ने सऊदी अरब से पैसे, निवेश, और कूटनीतिक लाभ मांगे हों, जो अब पूरे नहीं हो पाए हैं। इसीलिए ट्रंप अचानक सऊदी अरब पर भड़क गए हैं। सऊदी अरब भी इस स्थिति में फंस गया है, क्योंकि उसे ईरान के जवाबी हमले का अंदाजा नहीं था। मिडिल ईस्ट में गैस और तेल की सप्लाई 70% ठप हो गई है, जिससे सऊदी अरब को भी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
सऊदी अरब की भारत से मदद की मांग
ट्रंप ने मोहम्मद बिन सलमान को चेतावनी दी है। अमेरिका को चिंता है कि अगर सऊदी अरब पीछे हट गया, तो स्थिति और खराब हो जाएगी। इस कठिन समय में, सऊदी अरब भारत से मदद चाहता है। हालांकि, सऊदी अरब की डील पाकिस्तान के साथ है, लेकिन पाकिस्तान केवल एक दलाल की भूमिका निभा रहा है। अमेरिका से बचने के लिए सऊदी अरब को भारत की मदद की आवश्यकता है, और इसी संदर्भ में मोहम्मद बिन सलमान ने पीएम मोदी से बात की है।