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डीके शिवकुमार का जेडीएस कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण संदेश

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कनकपुरा में एक जनसभा में जेडीएस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अतीत की याद दिलाई। उन्होंने 2018 के कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन का उल्लेख किया और बताया कि कैसे उन्होंने जेडीएस के लिए दरवाजे खोले। इसके साथ ही, उन्होंने भारी सुरक्षा काफिले के बजाय बेंगलुरु की मेट्रो से यात्रा की, जिससे आम नागरिकों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। यह यात्रा और बयान कर्नाटक की राजनीति में नए समीकरणों की संभावनाओं को दर्शाते हैं।
 

कर्नाटक के मुख्यमंत्री का बयान

कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रमुख नेता डीके शिवकुमार ने अपने गृह क्षेत्र कनकपुरा में एक जनसभा के दौरान विपक्षी दल जनता दल (जेडीएस) के कार्यकर्ताओं को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने जेडीएस कार्यकर्ताओं को अतीत की याद दिलाते हुए यह सोचने का सुझाव दिया कि कैसे उन्होंने पहले उनके लिए दरवाजे खोले थे। शिवकुमार ने 2018 के चुनावों के बाद बने कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन का उल्लेख करते हुए पुरानी कड़ियों को फिर से टटोलने का प्रयास किया।


मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण

जनसभा में बोलते हुए, डीके शिवकुमार ने कहा, "मैं केवल अपनी पार्टी का नेता नहीं हूँ; मैं जनता दल के कार्यकर्ताओं से भी कहता हूँ कि मैंने आपके लिए भी दरवाजे खोले हैं। सोचें कि इसका उपयोग कैसे करना है।" उन्होंने यह भी कहा कि 2018 में कांग्रेस ने जेडीएस नेता अनीता कुमारस्वामी को उनकी रामनगर सीट पर उपचुनाव जीतने में मदद की थी। हालांकि, उन्होंने पुरानी बातों पर ज्यादा चर्चा नहीं की।


पुरानी दोस्ती की याद

यह ध्यान देने योग्य है कि कांग्रेस और जेडीएस के बीच गठबंधन टूटने को 7 साल से अधिक हो चुके हैं। वर्तमान में, जेडीएस पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी के साथ खड़ी है। इस संदर्भ में, डीके शिवकुमार का जेडीएस के कार्यकर्ताओं को दिया गया संदेश कर्नाटक की राजनीति में नए समीकरणों की संभावनाओं को दर्शाता है।


सामान्य नागरिक की तरह मेट्रो में यात्रा

डीके शिवकुमार का अपने निर्वाचन क्षेत्र कनकपुरा में यह पहला दौरा था। इस दौरान, उन्होंने भारी सुरक्षा काफिले के बजाय बेंगलुरु की 'नम्मा मेट्रो' से यात्रा करने का निर्णय लिया। उन्होंने विधान सौधा मेट्रो स्टेशन से सेंट्रल सिल्क बोर्ड जंक्शन तक लगभग 45 से 50 मिनट का सफर किया और इस दौरान आम यात्रियों से बातचीत की।


मेट्रो से उतरने के बाद, उन्होंने पत्रकारों से कहा, "जब कोई मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से यात्रा करता है, तो निश्चित रूप से भारी ट्रैफिक जाम होता है और मैं आम आदमी का समय बर्बाद नहीं करना चाहता। इसलिए मैंने मेट्रो चुनी। अब मैं अपने गाँव जाऊँगा और उन लोगों का आभार व्यक्त करूंगा जिन्होंने 1985 से मुझे वोट देकर जीताया है।"