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डिमेंशिया: कारण, लक्षण और उपचार के तरीके

डिमेंशिया एक गंभीर स्थिति है जो उम्र बढ़ने के साथ बढ़ती है। यह मस्तिष्क के कार्यों को प्रभावित करता है, जिससे याददाश्त, तर्क और संवाद कौशल में कमी आती है। भारत में बुजुर्गों की बढ़ती संख्या के साथ, डिमेंशिया के मरीजों की देखभाल एक चुनौती बनती जा रही है। इस लेख में, हम डिमेंशिया के प्रकार, कारण, लक्षण और इसके प्रभाव को कम करने के उपायों पर चर्चा करेंगे। जानें कैसे अपने मस्तिष्क को स्वस्थ रखा जाए और इस बीमारी से बचा जाए।
 

डिमेंशिया के कारण और लक्षण

उम्र के साथ, मानव मस्तिष्क में कई परिवर्तन होते हैं। कभी-कभी, छोटी-छोटी बातें याद रखना कठिन हो जाता है, जो दैनिक जीवन में बहुत परेशानी का कारण बनता है। भारत में 60 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 7-8% बुजुर्ग डिमेंशिया से प्रभावित हैं।


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बशीर बद्र जैसे कई बुजुर्ग इस बीमारी से जूझ रहे हैं। भारत में बुजुर्गों की संख्या बढ़ने के साथ, डिमेंशिया के मरीजों की देखभाल परिवारों पर एक बड़ा बोझ बनती जा रही है। परिवारों को भावनात्मक और आर्थिक सहायता की आवश्यकता होती है।


डिमेंशिया क्या है?

डिमेंशिया एक ऐसा शब्द है जो विभिन्न लक्षणों के समूह को दर्शाता है। यह मस्तिष्क के कार्यों को प्रभावित करता है, जैसे कि स्मृति, तर्क और संवाद कौशल। यह कोई एकल बीमारी नहीं है, बल्कि मस्तिष्क को प्रभावित करने वाली विभिन्न स्थितियों के कारण होने वाली समस्याओं का समूह है। अल्जाइमर रोग इस श्रेणी में सबसे आम है, जो 60-80% मामलों के लिए जिम्मेदार है।


डिमेंशिया के प्रकार


  • संवहनी मनोभ्रंश

  • लेवी बॉडी डिमेंशिया

  • फ्रंटोटेम्पोरल डिमेंशिया

  • मिश्रित डिमेंशिया


डिमेंशिया के कारण


  • उच्च रक्तचाप

  • मोटापा

  • शारीरिक गतिविधियों की कमी

  • शराब और धूम्रपान


डिमेंशिया के लक्षण

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इस बीमारी के प्रारंभिक लक्षणों में याददाश्त का कम होना नहीं, बल्कि गंध का जाना शामिल है। मस्तिष्क का वह हिस्सा जो गंध को प्रोसेस करता है, सबसे पहले प्रभावित होता है।



  • याददाश्त में कमी - यह आमतौर पर पहला और सबसे ध्यान देने योग्य लक्षण होता है। व्यक्ति हाल की बातचीत, नाम और घटनाओं को भूल सकता है, जबकि दीर्घकालिक स्मृति बनी रह सकती है।

  • दिशाभ्रम - इसमें अक्सर तारीख, मौसम और समय का ध्यान नहीं रहता है।

  • रोजमर्रा के कार्यों में कठिनाई - खाना बनाना या छोटे वित्तीय प्रबंधन भी डिमेंशिया के मरीजों के लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

  • भाषा संबंधी समस्याएं - सही शब्द खोजना, बातचीत को समझना और भाषा को समझना कठिन हो सकता है।

  • मनोदशा और व्यवहार में परिवर्तन - अवसाद, उदासीनता, सामाजिक अलगाव और व्यक्तित्व में परिवर्तन आम हैं।


डिमेंशिया का उपचार

डिमेंशिया का कोई निश्चित इलाज नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, जीवनशैली में बदलाव करके इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, रक्तचाप और शुगर को नियंत्रित रखना, और शराब व धूम्रपान से दूर रहना इस बीमारी के प्रभाव को कम कर सकता है।


ब्रेन हेल्थ को बनाए रखने के तरीके


  • विटामिन बी12


  • विटामिन बी12 नर्व्स और मस्तिष्क को सक्रिय रखने में मदद करता है। इसकी कमी से याददाश्त में कमी, थकान और अवसाद हो सकता है।


  • ओमेगा-3 फैटी एसिड्स


  • ओमेगा-3 मस्तिष्क के कार्यों को बढ़ाता है और सूजन को कम करता है।


  • विटामिन डी


  • विटामिन डी मस्तिष्क के विकास और सुरक्षा में मदद करता है।


  • मैग्नीशियम


  • यह न केवल मस्तिष्क बल्कि 300 से अधिक शारीरिक कार्यों को समर्थन करता है।


  • आयरन


  • आयरन की कमी से थकान और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई हो सकती है।