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डायमंड हार्बर में मतदान के दौरान सुरक्षा और विवादों का सामना

बंगाल के डायमंड हार्बर में दूसरे चरण के मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई। यहां भाजपा ने आरोप लगाया कि कई मतदान केंद्रों पर ईवीएम में उनके चुनाव चिह्न पर टेप लगा हुआ था। चुनाव आयोग ने इस पर कार्रवाई करते हुए पुनर्मतदान का आदेश दिया। जानें इस विवाद और क्षेत्र के राजनीतिक महत्व के बारे में।
 

मतदान के दौरान असामान्य दृश्य

बंगाल में दूसरे चरण के मतदान के समय, डायमंड हार्बर के मतदाताओं ने एक अनोखा दृश्य देखा। यह क्षेत्र मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का गढ़ माना जाता है। यहां की सड़कों पर आतंकवाद विरोधी एनआईए, सीआरपीएफ और सीआईएसएफ के जवान गश्त करते हुए दिखाई दिए। उत्तर प्रदेश के मुठभेड़ विशेषज्ञ अजय पाल शर्मा को भी सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था। इस व्यापक सुरक्षा व्यवस्था ने इस संसदीय क्षेत्र को सुर्खियों में ला दिया है, जो चुनावी हिंसा के लिए जाना जाता है और जहां बूथ कैप्चरिंग और धांधली के आरोप लगते रहे हैं। डायमंड हार्बर का मामला तब चर्चा में आया जब भाजपा ने आरोप लगाया कि फाल्टा के कई मतदान केंद्रों पर ईवीएम में उनके चुनाव चिह्न पर टेप लगा हुआ पाया गया। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में एक ईवीएम में भाजपा के कमल चिह्न पर टेप लगा हुआ दिखाया गया है。


भाजपा के आरोप और चुनाव आयोग की कार्रवाई

मालवीय ने ट्वीट किया कि कई मतदान केंद्रों पर भाजपा को वोट देने का विकल्प टेप से अवरुद्ध कर दिया गया है। इसे 'डायमंड हार्बर मॉडल' कहा गया, जिसने अभिषेक को लोकसभा सीट जीतने में मदद की। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई बूथों में गड़बड़ी हुई है। हालांकि, सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों का खंडन किया। चुनाव आयोग ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए उन सभी मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान का आदेश दिया जहां ईवीएम में हेराफेरी का संदेह था। आयोग ने चेतावनी दी कि यदि ऐसी घटनाएं फिर से होती हैं, तो पूरे निर्वाचन क्षेत्र में पुनर्मतदान कराया जा सकता है।


डायमंड हार्बर का राजनीतिक महत्व

पिछले एक दशक में, बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य में डायमंड हार्बर का महत्व बढ़ा है। इसका संबंध तृणमूल के तीन बार के सांसद अभिषेक बनर्जी की तेजी से बढ़ती स्थिति से है। 2014 में राजनीति में कदम रखने वाले अभिषेक आज तृणमूल के दूसरे सबसे महत्वपूर्ण नेता बन चुके हैं। दक्षिण 24 परगना जिले में स्थित डायमंड हार्बर के सात विधानसभा क्षेत्रों में से एक फाल्टा भी है। भाजपा ने हमेशा आरोप लगाया है कि टीएमसी अपने "वोट बैंक" को मजबूत करने के लिए अवैध घुसपैठ की अनुमति देती है। भाजपा और कांग्रेस-वाम गठबंधन ने बार-बार यह आरोप लगाया है कि डायमंड हार्बर अवैध गतिविधियों और सीमा पार तस्करी का केंद्र बन गया है। विपक्ष का कहना है कि इन अवैध गतिविधियों से प्राप्त धन अंततः टीएमसी को वित्त पोषित करता है।