ट्विशा शर्मा मामले में नया मोड़: आज होगा री-पोस्टमॉर्टम
ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का रहस्य
एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में आज एक महत्वपूर्ण घटना घटित होने जा रही है। उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, आज ट्विशा के शव का पुनः पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। यह प्रक्रिया परिजनों की उपस्थिति में होगी और इसकी वीडियोग्राफी भी की जाएगी ताकि प्रक्रिया की पारदर्शिता बनी रहे।
विशेष टीम का गठन
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने दिल्ली एम्स के निदेशक की अगुवाई में चार विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम का गठन किया है। यह टीम शनिवार शाम को अत्याधुनिक उपकरणों के साथ भोपाल पहुंच चुकी है। वर्तमान में, ट्विशा का शव भोपाल एम्स की मॉर्चुरी में सुरक्षित रखा गया है, जहां आज डॉक्टर उसका परीक्षण करेंगे.
सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप
इस मामले का दायरा अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, जिसने स्वतः संज्ञान लिया है। सोमवार को चीफ जस्टिस की बेंच में इस पर सुनवाई होने की संभावना है.
आरोपी का लाइसेंस निलंबित
बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने आरोपी वकील समर्थ सिंह का लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शनिवार को उसे भोपाल जिला कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। कोर्ट ने उसके पासपोर्ट को भी जब्त करने का आदेश दिया है.
शव सौंपने की याचिका खारिज
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान ससुराल पक्ष ने हिंदू रीति-रिवाजों का हवाला देते हुए ट्विशा का शव पति समर्थ को सौंपने की मांग की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया.
पूर्व जज की मुश्किलें
ट्विशा के पिता द्वारा पूर्व जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने की याचिका पर सोमवार को भोपाल कोर्ट में सुनवाई होगी। इसके साथ ही, उन्हें कंज्यूमर फोरम के अध्यक्ष पद से हटाने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है.
पोस्टमॉर्टम के बाद की प्रक्रिया
आज होने वाले री-पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट पर जांच एजेंसियों की नजर रहेगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद, शव को परिजनों को सौंप दिया जाएगा। परिजनों का कहना है कि वे रिपोर्ट के आधार पर अंतिम संस्कार का निर्णय लेंगे कि यह भोपाल में होगा या दिल्ली में.
पुलिस रिमांड के दौरान साक्ष्य जुटाना
पुलिस रिमांड के दौरान, आरोपी समर्थ सिंह को घटना स्थल पर ले जाकर सीन री-क्रिएट किया जा सकता है, ताकि सभी साक्ष्यों को जोड़ा जा सके। राज्य सरकार ने मामले की निष्पक्षता के लिए सीबीआई जांच की सिफारिश केंद्र सरकार को भेज दी है.