×

ट्विशा शर्मा दहेज हत्या मामले की जांच CBI को सौंपी गई

मध्य प्रदेश सरकार ने हाई-प्रोफाइल दहेज हत्या मामले में ट्विशा शर्मा की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने की सिफारिश की है। 33 वर्षीय मॉडल और अभिनेत्री की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उनके परिवार ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने FIR दर्ज की है और मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवार ने स्वतंत्र जांच की मांग की है। जानें इस मामले में क्या नया हो रहा है और परिवार की चिंताएं क्या हैं।
 

मध्य प्रदेश सरकार की सिफारिश

मध्य प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को हाई-प्रोफाइल दहेज हत्या मामले, जिसमें मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा शामिल हैं, की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने की औपचारिक सिफारिश की है। 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में राज्य के गृह विभाग ने एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 की धारा 6 के तहत, मध्य प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच के लिए CBI के अधिकार क्षेत्र का विस्तार करने की मंजूरी दी है। गृह विभाग की सचिव कृष्णवेणी देशावतु द्वारा हस्ताक्षरित इस अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT), केंद्रीय गृह सचिव, CBI निदेशक और राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को भेजा गया है।


ट्विशा की संदिग्ध मौत

12 मई को ट्विशा का शव मिला
ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स में अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई पाई गई थीं। उनके परिवार ने आरोप लगाया है कि ससुराल वालों ने उनकी बेटी को आत्महत्या के लिए मजबूर किया। ससुराल वालों का कहना है कि ट्विशा नशे की आदी थीं। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 80(2), 85 और 3(5) के तहत FIR दर्ज की है, जिसमें ट्विशा के पति समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को नामजद किया गया है। पुलिस ने समर्थ सिंह की गिरफ्तारी में मदद करने वाले को 30,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की है और उनके पासपोर्ट को रद्द करने के लिए अदालत में याचिका दायर की है।


परिवार की चिंताएं

गिरिबाला सिंह के फोन कॉल्स पर सवाल
ट्विशा के परिवार ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह द्वारा किए गए फोन कॉल्स पर सवाल उठाए हैं। गिरिबाला सिंह दहेज उत्पीड़न मामले में आरोपी हैं और ट्विशा की मौत के बाद कई प्रभावशाली लोगों को फोन किए थे। परिवार ने मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है। ट्विशा के पिता नव निधि शर्मा ने कहा कि उन्हें उन लोगों के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी जिनसे गिरिबाला ने संपर्क किया था।


CCTV से जुड़े संपर्कों पर चिंता

परिवार ने CCTV प्रणालियों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से जुड़े लोगों के साथ संपर्कों पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध मृत्यु की जांच में CCTV फुटेज और डिजिटल रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होते हैं। परिवार का मानना है कि ऐसे संपर्कों के उद्देश्य और संदर्भ का स्वतंत्र रूप से सत्यापन किया जाना चाहिए।