ट्रम्प के भारत पर टैरिफ से अमेरिका की छवि को नुकसान
अमेरिकी टैरिफ पर विशेषज्ञों की चिंता
अमेरिका में ट्रम्प के भारत पर लगाए गए 'दंडात्मक' टैरिफ को लेकर उन्हें आंतरिक और बाहरी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। कई अमेरिकी वित्तीय विशेषज्ञों ने इस कदम के खिलाफ आवाज उठाई है, यह बताते हुए कि भारत दुनिया की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन रहा है और एक प्रमुख उपभोक्ता बाजार के रूप में उभर रहा है। उनका तर्क है कि ऐसे टैरिफ दीर्घकालिक अमेरिकी हितों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने चेतावनी दी है कि ऐसे टैरिफ चीन को अमेरिका की तुलना में 'जिम्मेदार' दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रम्प का भारत के खिलाफ यह कदम अमेरिकी ब्रांड की छवि को नुकसान पहुंचाएगा।
चीन की बढ़ती लोकप्रियता
सुलिवन ने कहा, "चीन ने कई देशों में अमेरिका से अधिक लोकप्रियता हासिल कर ली है, जबकि एक साल पहले ऐसा नहीं था। अब देश यह कह रहे हैं कि अमेरिकी ब्रांड की स्थिति खराब है और चीन एक अधिक जिम्मेदार खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है।"
सुलिवन, जो ओबामा प्रशासन में नीति निदेशक थे, ने ऐसे टैरिफ के खतरों पर जोर दिया। उनके अनुसार, यह टैरिफ नई दिल्ली को बीजिंग के करीब ले जाएगा, जो अमेरिका के लिए जोखिम भरा हो सकता है। उन्होंने भारत के साथ संबंधों में तनाव को भी उजागर किया।