ट्रंप को टैरिफ मामले में फिर से झटका, कोर्ट ने कहा गैरकानूनी
टैरिफ पर कोर्ट का फैसला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बार फिर टैरिफ के मामले में बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी ट्रेड कोर्ट ने ट्रंप द्वारा लगाए गए 10 प्रतिशत टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया है। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने भी ट्रंप के टैरिफ को असंवैधानिक बताया था। हालांकि, इस बार कोर्ट ने केवल दो निजी आयातकों और वाशिंगटन राज्य के लिए ही टैरिफ पर रोक लगाई है.
कोर्ट का निर्णय
न्यूयॉर्क में कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड के तीन जजों के पैनल ने 21 तारीख को यह फैसला सुनाया कि छोटे व्यवसायों द्वारा दायर मुकदमे के बाद 10% टैरिफ को गैरकानूनी माना गया। कोर्ट ने कहा कि ट्रंप ने कानून के तहत कांग्रेस द्वारा दिए गए अधिकारों का उल्लंघन किया है। इसके साथ ही, टैरिफ को "अमान्य" और "अनधिकृत" करार दिया गया। इस फैसले ने सीधे तौर पर वॉशिंगटन राज्य और दो कंपनियों, स्पाइस कंपनी Burlap & Barrel और खिलौना कंपनी Basic Fun से टैरिफ की वसूली रोकने का आदेश दिया है.
टैरिफ विवाद का इतिहास
यह विवाद डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा फरवरी में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लगाए गए 10% ग्लोबल टैरिफ से संबंधित है। यह टैरिफ 1974 के ट्रेड एक्ट के सेक्शन 122 के तहत लागू किए गए थे और 24 जुलाई को समाप्त होने वाले हैं। हालांकि, कोर्ट ने अन्य 24 आयातकों पर टैरिफ लगाने के प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया है।
भविष्य की संभावनाएँ
लिबर्टी जस्टिस सेंटर के सीनियर वकील जेफरी श्वाब ने कहा कि आगे की कार्रवाई इस बात पर निर्भर करेगी कि ट्रंप प्रशासन क्या कदम उठाता है और क्या अमेरिकी न्याय विभाग इस फैसले के खिलाफ अपील करता है। केस करने वाली कंपनियों में से एक, बेसिक फन इंक. के CEO जे फोरमैन ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और कहा कि छोटे व्यवसायों के लिए इस तरह की कानूनी लड़ाई लड़ना बहुत महत्वपूर्ण है।
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पहले ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को गैरकानूनी बताया था, जिसके बाद ट्रंप ने 10% टैरिफ योजना बनाई थी। सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय 6-3 के अनुपात से आया था। कोर्ट ने कहा था कि ट्रंप पहले राष्ट्रपति हैं जिन्होंने 1970 के दशक के एक इमरजेंसी कानून का हवाला देकर 100 से अधिक देशों पर टैरिफ लगाया।