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ट्रंप की ईरान को चेतावनी: होर्मुज जलडमरूमध्य खोलें, अन्यथा गंभीर परिणाम होंगे

ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत नहीं खोलता है, तो अमेरिका उसके ऊर्जा संयंत्रों और तेल के कुओं पर हमला कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई उनके सैनिकों के प्रति बदला होगा, जिन्हें ईरान ने पिछले 47 वर्षों में मारा है। इस बीच, ईरान ने भी अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों को निशाना बनाने की धमकी दी है। तनाव बढ़ता जा रहा है, और दोनों पक्षों में कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है।
 

ट्रंप की धमकी

Trump Issues Terrifying Threat: Open Hormuz Immediately, or Else…

नई दिल्ली। ईरान के साथ बातचीत के दावों के बीच, ट्रंप ने ईरान को उसके ऊर्जा और तेल संयंत्रों पर हमले की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत नहीं खोलता है, तो अमेरिका उसके बिजली संयंत्रों, तेल के कुओं और खर्ग द्वीप को नष्ट कर देगा।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, ‘अमेरिका ईरान में एक नए और समझदार शासन के साथ अपने सैन्य ऑपरेशन समाप्त करने के लिए गंभीर बातचीत कर रहा है। इस दिशा में प्रगति हो रही है, लेकिन यदि जल्द ही कोई समझौता नहीं होता है और होर्मुज जलडमरूमध्य व्यापार के लिए नहीं खोला जाता है, तो हम ईरान में अपने सैन्य अभियान को समाप्त करेंगे, उनके सभी बिजली संयंत्रों, तेल के कुओं और खर्ग द्वीप को नष्ट करके।’

ट्रंप ने आगे कहा, ‘यह हमारे उन सैनिकों और अन्य लोगों का बदला होगा, जिन्हें ईरान ने पिछले 47 वर्षों में बेरहमी से मारा है।’ दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों के घरों को निशाना बनाने की धमकी दी है। ईरान की संयुक्त सैन्य कमान के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ुल्फिकारी ने कहा कि अब अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों के आवास वैध लक्ष्य माने जा सकते हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। यह संघर्ष अब 31वें दिन में प्रवेश कर चुका है, और दोनों पक्षों में से कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। हालांकि, ट्रंप का कहना है कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है और जल्द ही कोई समाधान निकल सकता है।

ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं कर रहा है, लेकिन वह परमाणु अप्रसार संधि पर विचार कर रहा है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने कहा कि ईरान का इस्लामी गणराज्य न तो कभी परमाणु हथियार हासिल करना चाहता है और न ही उसने कभी ऐसा प्रयास किया है।