ट्रंप का नया टेरिफ आदेश: दवाओं पर 100% शुल्क और भारत पर प्रभाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विदेशी ब्रांडेड दवाओं पर 100% तक का टेरिफ लगाने का आदेश दिया है। इस निर्णय का सीधा असर उन फार्मा कंपनियों पर पड़ेगा जो दवाएं अमेरिका के बाहर बनाती हैं। नए नियमों के अनुसार, कंपनियों को अपने उत्पादन को अमेरिका में स्थानांतरित करना होगा। भारत के लिए यह कदम फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि भारतीय कंपनियों का जेनेरिक दवाओं के वैश्विक बाजार में महत्वपूर्ण स्थान है। जानें इस आदेश का विस्तृत प्रभाव क्या होगा।
Apr 3, 2026, 18:34 IST
टेरिफ में बड़ा बदलाव
ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से टेरिफ पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने विदेशी ब्रांडेड दवाओं पर 100% तक का भारी टेरिफ लगाने का आदेश दिया है। ट्रंप ने अपनी नीतियों में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए यह स्पष्ट किया है कि फार्मा कंपनियों को अपनी दवाओं की कीमतें घटानी होंगी और उनका उत्पादन अमेरिका में ही करना होगा।
नए नियमों का प्रभाव
नए नियमों के अनुसार, जो कंपनियां आंशिक रूप से अपना उत्पादन अमेरिका में स्थानांतरित करेंगी, उन्हें 20% टैक्स देना होगा। वहीं, जो कंपनियां आदेश का पालन नहीं करेंगी, उनसे 100% टेरिफ वसूला जाएगा। ट्रंप का दावा है कि इस निर्णय से दवाइयां सस्ती होंगी और देश में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके अलावा, स्टील, एलुमिनियम और तांबे के उत्पादन के नियमों में भी बदलाव किया गया है, जिसमें कई सामानों पर टेरिफ घटाया गया है।
भारत पर प्रभाव
भारत पर इस कदम का प्रभाव
घोषणा के अनुसार, जेनेरिक दवाओं को छूट मिलने से भारत को लाभ होगा। भारतीय कंपनियों का वैश्विक जेनेरिक दवाओं के बाजार में महत्वपूर्ण स्थान है। इसलिए, अल्पावधि में जेनेरिक दवाओं को छूट मिलने से भारत को सुरक्षा मिलेगी और कम लागत वाली दवाओं के निर्यात में आसानी होगी। व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जेनेरिक दवाएं, जो भारतीय फार्मा निर्यात का बड़ा हिस्सा हैं, टेरिफ से मुक्त रहेंगी, लेकिन वाणिज्य विभाग उनकी रीशॉर्डिंग की स्थिति का मूल्यांकन करेगा।