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ट्रंप का ईरान पर बयान: युद्ध खत्म होने के करीब, लेकिन सैन्य अभियान जारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध को खत्म होने के करीब बताया, लेकिन साथ ही अमेरिका के सैन्य अभियान को जारी रखने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बातचीत का अगला दौर जल्द ही हो सकता है। इस बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी जारी है, जो ईरानी बंदरगाहों को निशाना बना रही है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या कदम उठाए जाएंगे।
 

ट्रंप का चौंकाने वाला बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण हालात पर एक विवादास्पद बयान दिया है। फॉक्स बिजनेस के साथ एक साक्षात्कार में, ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध अब "खत्म होने के बहुत करीब" है। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अमेरिका का सैन्य अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है।


यह बयान उस समय आया है जब वॉशिंगटन, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कूटनीतिक प्रयासों के बीच तेहरान के साथ बातचीत के दूसरे चरण की तैयारी कर रहा है। ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि यह खत्म होने के करीब है, हाँ। मैं इसे खत्म होने के बहुत करीब मानता हूँ।"


US नौसैनिक नाकेबंदी का प्रभाव

ट्रंप के बयान उस समय आए हैं जब होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी चल रही है, जो ईरानी बंदरगाहों को निशाना बना रही है। यह नाकेबंदी इस्लामाबाद में पहले हुई शांति वार्ता के विफल होने के बाद शुरू की गई थी। हजारों अमेरिकी सैनिकों और कई युद्धपोतों द्वारा लागू की गई इस नाकेबंदी ने कई जहाज़ों को ईरानी जलक्षेत्र से लौटने पर मजबूर कर दिया है।


संघर्ष में अमेरिका की भूमिका

युद्ध खत्म होने के करीब होने की बात करते हुए, ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ईरान के साथ संघर्ष में अमेरिका का काम अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, "अगर मैंने अभी अपने कदम पीछे खींच लिए, तो उस देश को फिर से खड़ा करने में उन्हें 20 साल लग जाएँगे। और हमारा काम अभी खत्म नहीं हुआ है।"


उन्होंने आगे कहा, "हम देखेंगे कि क्या होता है। मुझे लगता है कि वे बहुत बेसब्री से कोई समझौता करना चाहते हैं।"


ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान

अमेरिका ने, इज़राइल के सहयोग से, 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ एक सैन्य अभियान शुरू किया था। अमेरिका ने तेहरान पर बड़े पैमाने पर तबाही मचाने वाले परमाणु हथियार बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई प्रमुख हस्तियाँ मारी गईं, जबकि महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे को भी भारी नुकसान पहुँचा।


हालांकि, ईरान ने भी जोरदार जवाबी कार्रवाई की और पूरे पश्चिम एशिया में अमेरिकी हितों को निशाना बनाया। यह तनाव में वृद्धि थी जिसे ट्रंप ने पहले 'आश्चर्यजनक' बताया था।


बातचीत का अगला चरण

ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत का दूसरा दौर "अगले दो दिनों में हो सकता है, और हम वहाँ (इस्लामाबाद) जाने के लिए ज़्यादा इच्छुक हैं।" पहले दौर की बातचीत ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर किसी समझौते के बिना समाप्त हो गई थी। व्हाइट हाउस का कहना है कि यही मुद्दा बातचीत में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है।


उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने कहा कि ट्रंप ईरान के साथ एक "बड़ा समझौता" करना चाहते थे, लेकिन दोनों देशों के बीच बहुत अधिक अविश्वास था। उन्होंने कहा, "आप इस समस्या को रातों-रात हल नहीं कर सकते।"


संघर्ष-विराम की स्थिति

हालांकि, संघर्ष-विराम अभी कायम दिख रहा है, लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़' को लेकर बना तनाव, एक बार फिर से शत्रुता भड़कने और युद्ध के आर्थिक दुष्परिणामों के और भी गंभीर होने का खतरा पैदा करता है। अभी तक, दोनों पक्षों ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि 22 अप्रैल को संघर्ष-विराम की अवधि समाप्त होने के बाद वे क्या कदम उठाएंगे।