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ट्रंप का ईरान पर बड़ा हमला: 158 जहाजों को किया नष्ट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर एक बड़ा हमला करने का दावा किया है, जिसमें उन्होंने 158 जहाजों के नष्ट होने की बात कही। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान का कोई जहाज नाकाबंदी के पास आता है, तो उसे समाप्त कर दिया जाएगा। इस बीच, अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन ने कहा है कि किसी भी देश को होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही रोकने का अधिकार नहीं है। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया।
 

अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा है कि अमेरिकी सेना ने ईरान पर एक बड़ा हमला किया है। उनके अनुसार, ईरान की नौसेना अब समुद्र की गहराइयों में है, और अमेरिका ने ईरान के 158 जहाजों को नष्ट कर दिया है।


ट्रंप की चेतावनी

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, "यदि ईरान का कोई जहाज हमारी नाकाबंदी के आसपास आता है, तो उसे तुरंत समाप्त कर दिया जाएगा।"


ईरान के जहाजों की स्थिति

उन्होंने आगे कहा, "ईरान की नौसेना समुद्र की गहराइयों में है, और उनके 158 जहाज पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं।" ट्रंप ने यह भी बताया कि जिन जहाजों पर हमला नहीं किया गया, वे 'फास्ट अटैक शिप्स' हैं, जिन्हें उन्होंने बड़ा खतरा नहीं माना।


नशीले पदार्थों की तस्करी पर नियंत्रण

ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि इनमें से कोई जहाज नाकाबंदी के पास आता है, तो उसे भी समाप्त कर दिया जाएगा, जैसे कि समुद्र में नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा, "यह एक तेज और कठोर तरीका है।"


अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन

संयुक्त राष्ट्र की समुद्री मामलों की एजेंसी के प्रमुख ने कहा है कि किसी भी देश को होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही रोकने का कानूनी अधिकार नहीं है। यह बयान अमेरिका के ईरान पर हमले से पहले आया। अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगुएज ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार, किसी भी देश को निर्दोष आवागमन के अधिकार को रोकने का अधिकार नहीं है।