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टीसीएस नासिक कार्यालय में यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण का मामला: निदा खान की गिरफ्तारी की कोशिशें जारी

महाराष्ट्र पुलिस ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के नासिक कार्यालय में यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के मामले में आरोपी निदा खान की गिरफ्तारी के प्रयासों की जानकारी दी है। इस मामले में अब तक नौ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं और आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। निदा खान फरार है और उसने गिरफ्तारी से सुरक्षा की मांग की है। अधिकारी ने बताया कि पीड़िताएं मध्यमवर्गीय परिवारों से हैं और पॉश समिति की भूमिका पर भी चर्चा की गई है। टीसीएस ने उत्पीड़न के खिलाफ अपनी नीति स्पष्ट की है।
 

निदा खान की भूमिका और गिरफ्तारी की कोशिशें

(महाराष्ट्र पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को जानकारी दी कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के नासिक कार्यालय में कई महिला कर्मचारियों के यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण से जुड़े मामले में आरोपी निदा खान की भूमिका धर्म परिवर्तन के दबाव से संबंधित है। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। यह टिप्पणी उस समय आई है जब निदा ने गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्राप्त करने में असफलता का सामना किया।)


प्राथमिकी और गिरफ्तारियां

टीसीएस में यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण से जुड़े मामलों में अब तक नौ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से एक में निदा और चार अन्य को आरोपी के रूप में नामित किया गया है। इस मामले में कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कार्यस्थलों पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम के लिए स्थानीय सदस्यों को पॉश समिति में शामिल किया जाना चाहिए और वीडियो कॉन्फ्रेंस के बजाय नियमित बैठकें होनी चाहिए।


निदा की फरारी और गर्भावस्था का हवाला

अधिकारी ने कहा, "निदा की भूमिका धर्मांतरण से संबंधित है।" वह मामले के सामने आने के बाद से फरार है। सत्र अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए 27 अप्रैल की तारीख तय की है। टीसीएस के अनुसार, निदा नासिक कार्यालय में एसोसिएट के रूप में कार्यरत थी और उसने अपनी गर्भावस्था का हवाला देते हुए गिरफ्तारी से सुरक्षा की मांग की है।


पीड़िताओं की स्थिति

हालांकि, अधिकारी ने बताया कि निदा गिरफ्तारी से सुरक्षा प्राप्त करने में असफल रही है और उसे पकड़ने के लिए तलाश जारी है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर पीड़िताएं मध्यमवर्गीय परिवारों से हैं और उनकी उम्र 21 से 30 वर्ष के बीच है। ये महिलाएं एसोसिएट स्तर पर कार्यरत थीं और लगभग 20,000 रुपये प्रति माह कमाती थीं।


पॉश समिति की भूमिका

जब अधिकारियों से पूछा गया कि क्या पीड़िताओं ने पॉश समिति से संपर्क किया था, तो उन्होंने कहा कि कुछ "तकनीकी समस्याएं" थीं और समिति के अधिकांश सदस्य बाहरी थे। उन्होंने सुझाव दिया कि पॉश समिति को सक्रिय होना चाहिए और सदस्यों की नियुक्ति स्थानीय स्तर पर की जानी चाहिए।


मुख्य आरोपी और जांच

निदा और अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, मुख्य आरोपी दानिश शेख ने पीड़िता को अपने दोस्तों तौसीफ और निदा से मिलवाया था। आरोप है कि तीनों ने हिंदू अनुष्ठानों का मजाक उड़ाया और पीड़िता को धर्मांतरण के लिए उकसाने का प्रयास किया। नासिक पुलिस ने निदा का पता लगाने के लिए तीन टीमों का गठन किया है।


टीसीएस की नीति

टीसीएस ने कहा कि कंपनी किसी भी प्रकार के उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं करती है और नासिक कार्यालय में यौन उत्पीड़न में शामिल कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। कंपनी ने यह भी बताया कि उसे इस मामले में आंतरिक चैनलों के माध्यम से कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई।