टीना कंडेलाकी ने पुतिन के सामने किया बेबाकी से हाथ पकड़ने का साहस
रूसी राष्ट्रपति के साथ अनोखा पल
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को उनके कड़े व्यक्तित्व के लिए जाना जाता है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बड़े नेता भी उनके सामने संभलकर बात करते हैं। हाल ही में एक कार्यक्रम में, पुतिन का सामना एक साहसी महिला से हुआ, जिसने उनके हाथ को मजबूती से पकड़ लिया। इस घटना के बाद पुतिन का चेहरा देखने लायक था, वह शर्म से लाल हो गए और महिला की हिम्मत पर हैरान रह गए।
इस सरकारी कार्यक्रम में, पुतिन पत्रकारों को सम्मानित कर रहे थे। जब इस महिला का नाम लिया गया, तो वह स्टेज पर आईं। पुतिन ने उनसे हाथ मिलाया, मेडल पहनाया और गुलदस्ता दिया। जैसे ही पुतिन फोटो के लिए मुड़े, महिला ने उनका हाथ पकड़ लिया और कैमरे के सामने पोज देने लगी।
इस समारोह में पुतिन का हाथ थामने वाली महिला कोई और नहीं, बल्कि रूस की प्रसिद्ध सेलिब्रिटी टीना कंडेलाकी हैं। टीना एक प्रमुख टीवी एंकर, पत्रकार और सफल व्यवसायी हैं।
टीना ने असहजता के बावजूद आत्मविश्वास से पुतिन का हाथ थामे रखा, जबकि पुतिन हैरान नजर आए। उन्होंने टीना की ओर बार-बार देखा। इसके बाद, टीना ने एक स्पीच भी दी, जिसमें पुतिन उन्हें आश्चर्यचकित नजरों से देखते रहे।
हालांकि टीना आज रूस के प्रभावशाली चेहरों में से एक हैं, उनका जन्म जॉर्जिया में हुआ था और उनका परिवार जॉर्जियाई और आर्मेनियाई मूल का है। फिर भी, टीना रूस और उसकी संस्कृति के प्रति गहरा लगाव रखती हैं।
इस वीडियो के वायरल होने के बाद, टीना के पुराने बयानों पर भी चर्चा हो रही है। उन्होंने हमेशा कहा है कि भले ही उनका मूल कहीं और का हो, लेकिन वह दिल से पूरी तरह रूसी हैं और खुद को रशियन कहने पर गर्व महसूस करती हैं।
टीना कंडेलाकी आज रूस के मीडिया और व्यापार जगत की प्रमुख हस्तियों में से एक मानी जाती हैं। उन्होंने कई बड़े मीडिया समूहों का नेतृत्व किया है और उन्हें रूस के सबसे अमीर और प्रभावशाली लोगों में गिना जाता है।
टीना ने केवल टीवी एंकरिंग तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने प्रबंधन में भी अपनी पहचान बनाई। वह रूस के प्रमुख नेशनल स्पोर्ट्स चैनल 'मैच टीवी' की जनरल प्रोड्यूसर और बाद में 'गाजप्रॉम-मीडिया' की डिप्टी जनरल डायरेक्टर बनीं, जो उनके मीडिया उद्योग में प्रभाव को दर्शाता है।
मीडिया और व्यापार के अलावा, टीना राजनीतिक रूप से भी सक्रिय रही हैं। वह रूस के 'पब्लिक चैंबर' की सदस्य रह चुकी हैं और व्लादिमीर पुतिन की नीतियों की समर्थक मानी जाती हैं। यूक्रेन युद्ध के दौरान, उन्होंने रूसी सरकार और राष्ट्रपति पुतिन का खुलकर समर्थन किया, जिसके कारण कई पश्चिमी देशों ने उन पर प्रतिबंध भी लगाए हैं।