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टीएमसी ने भाजपा पर लगाया अलोकतांत्रिक कार्रवाई का आरोप

पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि उसने कोलकाता में उनके भाषा आंदोलन के धरना स्थल को ध्वस्त किया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक करार दिया है। उन्होंने भाजपा पर सेना का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगाया और कहा कि उनकी पार्टी ने इस कार्यक्रम के लिए सभी आवश्यक अनुमति और शुल्क का भुगतान किया था। टीएमसी ने यह भी कहा कि वे किसी भी राजनीतिक बर्बरता से डरने वाले नहीं हैं और बंगाल की गरिमा के लिए लड़ाई जारी रखेंगे।
 

टीएमसी का भाजपा पर हमला

पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर एक नया आरोप लगाया। पार्टी ने कोलकाता में उसके भाषा आंदोलन के धरना स्थल को ध्वस्त करने का आरोप लगाते हुए इसे अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक करार दिया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर "गंदा राजनीतिक खेल" खेलने का भी आरोप लगाया। कोलकाता के मैदान क्षेत्र में गांधी प्रतिमा के पास बनाए गए अस्थायी ढांचे को भारतीय सेना ने हटा दिया। यह प्रदर्शन भाजपा शासित राज्यों में बंगाली भाषी प्रवासी श्रमिकों पर हो रहे कथित अत्याचारों के खिलाफ किया गया था।


भाजपा पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप

टीएमसी ने कहा कि उन्हें प्रदर्शन करने और अस्थायी ढांचा बनाने की अनुमति प्राप्त थी और भाजपा पर सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी ने भारतीय सेना का सम्मान करते हुए कहा कि मेयो रोड पर जो हुआ, वह सेना का कार्य नहीं था। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पूर्व अनुमति और ज़मानत राशि जमा होने के बावजूद उनके भाषा आंदोलन स्थल को ध्वस्त करने के लिए सत्ता का दुरुपयोग किया। पार्टी ने इसे एक घबराई हुई पार्टी की अलोकतांत्रिक और दबंगई भरी रणनीति बताया, जो जानती है कि वह बंगाल का विश्वास नहीं जीत सकती।


ममता बनर्जी का भाजपा पर निशाना

ममता बनर्जी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह सेना का अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रही है और दावा किया कि उनकी पार्टी के पास इस कार्यक्रम के लिए आवश्यक अनुमति थी, जिसे उन्होंने शुल्क भी चुकाया था। उन्होंने कहा कि यह अनैतिक और असंवैधानिक है। भाजपा को आंतरिक और सीमा सुरक्षा की चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि टीएमसी किसी भी "राजनीतिक बर्बरता" से नहीं डरेगी और बंगाल की गरिमा, मातृभाषा और लोगों के लिए लड़ाई जारी रखेगी।