टाइगर श्रॉफ पर हमले के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गैंग का हाथ
मुंबई पुलिस की कार्रवाई
मुंबई। मुंबई पुलिस ने टाइगर श्रॉफ पर हमले में शामिल तीन आरोपियों की हिरासत की मांग करते हुए अदालत को बताया कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने अभिनेता पर आर्थिक लाभ, दबदबा बनाए रखने और भय फैलाने के उद्देश्य से हमला किया।
सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट और ऑडियो क्लिप में अनिल पंडित नामक व्यक्ति ने यह दावा किया कि टाइगर श्रॉफ को सलमान खान के करीबी संबंधों और गैंग की चेतावनी को नजरअंदाज करने के कारण निशाना बनाया गया। हालांकि, पुलिस ने अदालत में हमले के अन्य कारण बताए।
पुलिस के अनुसार, इस मामले का उद्देश्य सलमान खान पर हुई गोलीबारी, बाबा सिद्दीकी की हत्या और रोहित शेट्टी के घर के बाहर गोलीबारी जैसे मामलों से संबंधित है। पुलिस का कहना है कि ऐसे हमलों के माध्यम से डर का माहौल बनाकर जबरन वसूली की जाती है।
आरोपियों की हिरासत
तीन आरोपी 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में
पुलिस ने शुक्रवार को जतिन पांचाल, समीर खत्री और अंकित खटक को अदालत में पेश किया। इन तीनों को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने आरोपियों की भूमिका, अनिल पंडित के साथ उनके कथित संबंधों और हथियारों की व्यवस्था की जांच के लिए हिरासत मांगी।
पुलिस ने अदालत को बताया कि आरोपियों ने पहले मुंबई में अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों के घरों की रेकी भी की थी। जांच एजेंसियों को संदेह है कि हमले के बाद आरोपी विदेश भागने की योजना बना रहे थे।
बचाव पक्ष की दलीलें
पुलिस हिरासत का विरोध
आरोपियों के वकील अजिंक्य मिरगल ने पुलिस की हिरासत की मांग का विरोध करते हुए कहा कि जिस होटल के कमरे में आरोपियों ने गोली चलाने का अभ्यास किया, वहां से पुलिस पहले ही सबूत जुटा चुकी है।
उन्होंने यह भी कहा कि आरोपियों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त करके जांच की जा सकती है, इसलिए उन्हें पुलिस हिरासत में रखने की आवश्यकता नहीं है।
होटल में गोली चलने की घटना
मिसफायर की जांच
पुलिस ने अदालत को बताया कि होटल में गोली चलाने के अभ्यास के दौरान एक मिसफायर की घटना हुई थी। पुलिस इस घटना की भी जांच करना चाहती है और आरोपियों से पूछताछ आवश्यक है।
अदालत ने तीनों आरोपियों को 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया।