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झुंझनूं में महंत बालयोगी पूनमनाथ की 11 दिन की तपस्या का अद्भुत दृश्य

झुंझनूं में महंत बालयोगी पूनमनाथ की 11 दिन की तपस्या का अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है। कड़ाके की ठंड में 5 डिग्री सेल्सियस तापमान में उनकी साधना श्रद्धालुओं को प्रेरित कर रही है। महंत का कहना है कि यह तपस्या सृष्टि और जनकल्याण के लिए की जा रही है। हर दिन 51 मटकों से ठंडे जल से स्नान कर वे अपनी साधना की शुरुआत करते हैं। इस कठिन तपस्या के चलते श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।
 

महंत की तपस्या का अद्भुत दृश्य

झुंझनूं में इस समय साधना का एक अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है। बुडाना स्थित श्री रूपनाथ धाम में महंत बालयोगी पूनमनाथ कड़ाके की ठंड में कठोर तपस्या कर रहे हैं। 5 डिग्री सेल्सियस के तापमान में भी उनका समर्पण श्रद्धालुओं को हैरान कर रहा है। महंत का कहना है कि यह साधना सृष्टि और मानवता के कल्याण के लिए की जा रही है।


तापमान और तपस्या का महत्व

झुंझनूं में अधिकतम तापमान 18 डिग्री से कम और न्यूनतम तापमान 5.1 डिग्री दर्ज किया गया है। इन कठिन परिस्थितियों में महंत की तपस्या चर्चा का विषय बनी हुई है, और उनके समर्पण को देखकर लोग प्रेरित हो रहे हैं।


51 मटकों से स्नान की प्रक्रिया

51 मटकों से ठंडे जल का ब्रह्म मुहूर्त स्नान


महंत बालयोगी पूनमनाथ हर दिन ब्रह्म मुहूर्त में 51 मटकों से ठंडे जल से स्नान कर अपनी साधना की शुरुआत करते हैं। उन्होंने बताया कि यह तपस्या 11 दिनों तक चलेगी, और 11वें दिन विशेष स्नान के साथ इस कठिन साधना का समापन होगा।


श्री रूपनाथ धाम का आध्यात्मिक महत्व

श्री रूपनाथ धाम का आध्यात्मिक महत्व


कासिमपुरा रोड पर स्थित श्री रूपनाथ धाम में पाबूजी महाराज का मंदिर और शिवालय भी हैं। यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। महंत की तपस्या की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए धाम पहुंच रहे हैं।


श्रद्धालुओं में बढ़ती रुचि

श्रद्धालुओं में बढ़ती रुचि और उत्सुकता


महंत की कठोर साधना के दृश्य को देखकर हर दिन आश्रम में आने वाले भक्तों की संख्या बढ़ रही है। लोग दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं और महंत के समर्पण की सराहना कर रहे हैं। उनका मानना है कि ऐसी तपस्या से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति मिलती है।