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झारखंड में माओवादी महिला उग्रवादियों का आत्मसमर्पण

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में दो महिला उग्रवादियों और एक माओवादी नेता ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण किया। सालुका कायम, जो कि एक जोनल कमेटी सदस्य है, पर 10 लाख रुपये का इनाम था। इस आत्मसमर्पण का कारण सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे अभियानों को बताया गया है। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और माओवादी संगठन के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बारे में।
 

माओवादी उग्रवादियों का आत्मसमर्पण

रांची, 7 अगस्त: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की जोनल कमेटी की एक सदस्य और दो महिला उग्रवादियों ने शुक्रवार को सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इस बात की जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने दी। उन्होंने बताया कि जोनल कमेटी सदस्य पर 10 लाख रुपये का इनाम था।


अधिकारी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाली जोनल कमेटी सदस्य की पहचान सालुका कायम के रूप में हुई है, जबकि दूसरी महिला उग्रवादी कोडोमुनी कोड़ा पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। उन्होंने कहा, 'सारंडा और कोल्हान के जंगलों में पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और अन्य सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे अभियानों के कारण सालुका कायम ने आत्मसमर्पण किया।'


अधिकारी ने आगे बताया कि सालुका कायम पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुआ का निवासी है और वह भाकपा (माओवादी) के गिरफ्तार पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा के समूह में सक्रिय था। बेसरा पर दो करोड़ रुपये से अधिक का इनाम घोषित है और वह 175 मामलों में वांछित है। उसे पिछले महीने गिरफ्तार किया गया था। अधिकारी ने कहा कि कायम कई वर्षों से माओवादी संगठन के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा था और उसके खिलाफ सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर आईईडी विस्फोट, हत्या, रंगदारी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप हैं।