झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन जारी
छात्रों की सीबीआई जांच की मांग पर अडिग
रांची, 9 अगस्त: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग पर जोर दिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने छात्रों को न्याय का आश्वासन दिया। रविवार को हुई बातचीत का छठा दौर भी बेनतीजा रहा। अधिकारियों ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों की 98 प्रतिशत मांगें मान ली गई हैं, लेकिन सीबीआई जांच की मांग पर गतिरोध बना रहा।
छात्र नेता की प्रतिक्रिया
छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा, "हमारी अधिकांश मांगें मान ली गई हैं, जिसमें 14वीं जेपीएससी परीक्षा को रद्द करने की मांग भी शामिल है। लेकिन जब तक सीबीआई जांच की हमारी मांग पूरी नहीं होती, हम समझौता नहीं करेंगे। हम 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा की ओर मार्च करेंगे।"
सरकार की स्थिति
झारखंड के तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार ने 98 प्रतिशत मांगें मान ली हैं, लेकिन जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा की सीबीआई जांच की मांग को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि यह परीक्षा उच्च न्यायालय और सर्वोच्च अदालत की निगरानी में हुई थी।
सरकारी प्रतिनिधिमंडल की बैठक
कुमार ने कहा कि छात्रों के साथ सकारात्मक बातचीत हुई है और सरकार जेपीएससी परीक्षा में वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराने की सिफारिश करेगी। इसके अलावा, परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े मामलों के लिए त्वरित अदालत की स्थापना की घोषणा भी की गई।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि सभी समस्याओं का समाधान बातचीत से ही संभव है, न कि लाठी-डंडे से। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग राज्य में लोकतंत्र को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं। सोरेन ने छात्रों के आंदोलन का राजनीतिकरण नहीं करने की अपील की।
छात्रों की मांगें
प्रदर्शनकारी छात्रों ने 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करने, सभी परीक्षाओं की सीबीआई से जांच कराने, जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रदर्शन का जारी रहना
छात्रों का प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन भी जारी रहा, जिसमें छह प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। वामपंथ समर्थित छात्र संगठन 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन' (आइसा) के प्रतिनिधिमंडल ने भी वार्ता में भाग लिया।