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झारखंड में छात्रों का विधानसभा मार्च: पुलिस ने लागू की निषेधाज्ञा

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने विधानसभा मार्च का आयोजन किया है। पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाते हुए निषेधाज्ञा लागू की है। भाजपा नेता आदित्य साहू की नजरबंदी का आरोप भी लगाया गया है। प्रशासन ने छात्रों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करें। इस प्रदर्शन में शामिल छात्रों की संख्या बढ़ती जा रही है, और कुछ छात्र भूख हड़ताल पर भी हैं।
 

रांची में छात्रों का प्रदर्शन

रांची, 9 अगस्त: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सोमवार को प्रस्तावित ‘विधानसभा मार्च’ के लिए पुलिस ने विधानसभा परिसर के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी है। इसके साथ ही पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता अमर बाउरी ने आरोप लगाया कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू को “नजरबंद” कर दिया गया है। बाउरी ने कहा कि सरकार सुरक्षा बलों की तैनाती करके “सफलता हासिल नहीं कर पाएगी।”


पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य विधानसभा के पास प्रस्तावित धरने-प्रदर्शन के मद्देनजर सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं।


अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) मनोज कौशिक ने कहा, “छात्रों के प्रस्तावित विधानसभा मार्च के दौरान अशांति की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है।” उन्होंने छात्रों से अनुरोध किया कि वे शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से मार्च में भाग लें, क्योंकि पिछले दो सप्ताह से वे अनुशासन बनाए रखे हैं। एडीजी ने कहा, “यह सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है कि असामाजिक तत्वों को मार्च में शामिल होने से रोका जाए।”


रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने कहा कि मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “हम नहीं चाहते कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने के कारण किसी छात्र के करियर पर दाग लगे।”


शहर के प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ अवरोधक लगाए गए हैं। एसएसपी ने बताया कि विधानसभा भवन के 750 मीटर के दायरे में 6 अगस्त से 12 अगस्त तक निषेधाज्ञा पहले से लागू की जा चुकी है। यह आदेश सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगा। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, रांची में प्रस्तावित मार्च को देखते हुए रविवार आधी रात से जमशेदपुर में भी ऐसी ही निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।


रांची जिला प्रशासन ने आंदोलनकारी छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के उग्र प्रदर्शन में शामिल न हों। प्रशासन ने विधानसभा मार्च के दौरान हिंसा और गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ चेतावनी भी दी है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि झारखंड के विभिन्न हिस्सों से रांची आ रहे सैकड़ों छात्रों को पुलिस बलपूर्वक रोक रही है।


भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन में प्रवेश कर गया है। इस दौरान छह छात्र भूख हड़ताल पर हैं।