झारखंड में छात्रों का प्रदर्शन: मुख्यमंत्री सोरेन के इस्तीफे की मांग
छात्रों का बढ़ता विरोध प्रदर्शन
झारखंड में परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन गुरुवार को 13वें दिन में प्रवेश कर गया, जिसमें अब प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने राज्य सरकार पर उनकी चिंताओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया और कहा कि सोरेन इस पद के लिए उपयुक्त नहीं हैं। एक छात्र ने बताया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे अपने रुख पर अड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को बेंगलुरु से लौटने के बाद भी हालात पर ध्यान नहीं दिया।
मुख्यमंत्री की जवाबदेही पर सवाल
एक अन्य प्रदर्शनकारी ने मुख्यमंत्री की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह दिल्ली नहीं, झारखंड है। छात्रों ने अपनी समस्याएं स्पष्ट रूप से रखी हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दे सकते हैं, तो हेमंत सोरेन क्यों नहीं? NEET-UG परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ लंबे समय तक चले विरोध के बाद, धर्मेंद्र प्रधान ने पिछले महीने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था। छात्र ज़ैद ने राज्य सरकार से अपील की कि वे उनकी मांगों पर ध्यान दें ताकि भविष्य में छात्रों को ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।
प्रतिनिधिमंडल का गठन
झारखंड में भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों और नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि उन्होंने सरकार के साथ बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है। यह निर्णय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के उस बयान के बाद लिया गया जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार प्रदर्शनकारियों के लिए बातचीत के लिए तैयार है। 'जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच' के बैनर तले यह प्रदर्शन हाल के वर्षों में राज्य के सबसे बड़े छात्र आंदोलनों में से एक बन गया है।
सरकार के साथ बातचीत
मंच के एक पदाधिकारी ने बताया कि सरकार की ओर से बातचीत के प्रस्ताव के जवाब में 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया गया है, जिसमें आठ छात्र, दो पत्रकार और एक अधिवक्ता शामिल हैं। प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करने और भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे हैं।