झारखंड में JPSC और JSSC घोटाले में पूर्व चेयरमैन की गिरफ्तारी
झारखंड CID की कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, झारखंड की अपराध जांच विभाग (CID) ने JPSC और JSSC नौकरी घोटालों में संलिप्तता के आरोप में पूर्व PSC चेयरमैन एल. खियांगते को गिरफ्तार किया है। भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के चलते CID ने उनसे कई बार पूछताछ की थी। यह गिरफ्तारी रांची में JPSC-JSSC उम्मीदवारों के लगातार विरोध प्रदर्शनों के बीच हुई है, जो राज्य की भर्ती परीक्षा प्रणाली में सुधार और स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।
गिरफ्तारी की पुष्टि
CID के अतिरिक्त महानिदेशक मनोज कौशिक ने खियांगते की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें आयोग द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा, "हमने भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के संबंध में जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को गिरफ्तार किया है।" झारखंड सरकार ने पहले भर्ती में गड़बड़ियों की जांच के लिए CID और एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) से जांच कराने का निर्णय लिया था।
छात्रों की मांगें
रविवार को छात्रों के साथ एक लंबी बैठक के बाद, सरकार ने उनकी कई मांगों को मानने के लिए सहमति जताई, जिसमें 14वीं JPSC परीक्षा और 2023 व 2025 की बैकलॉग भर्ती परीक्षाओं को रद्द करना शामिल था। हालांकि, छात्रों ने सरकार के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और कहा कि CBI जांच की उनकी मुख्य मांग को नहीं माना गया है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने झारखंड सरकार पर "झूठ" फैलाने का आरोप लगाया, जबकि सरकार का दावा था कि उसने छात्रों की 98 प्रतिशत मांगें पूरी कर दी हैं।
छात्र नेताओं की प्रतिक्रिया
एक छात्र नेता ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने जिन 13 परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की थी, उनमें से केवल तीन ही रद्द की गई हैं। छात्र नेताओं ने CID जांच पर भरोसा करने के सरकार के निर्णय की आलोचना की और आरोप लगाया कि यह एजेंसी पहले भी मामलों को दबाने में शामिल रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कथित गड़बड़ियों का पता लगाने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक स्वतंत्र जांच आवश्यक है।