झांसी और अमेठी में ज्वेलरी दुकानों पर चेहरा ढकने पर रोक, सुरक्षा के लिए सख्त नियम
ज्वेलरी दुकानों के बाहर सुरक्षा के नए नियम
सर्राफा दुकानों के बाहर लगाए गए पोस्टर.
उत्तर प्रदेश में चोरी की बढ़ती घटनाओं ने ज्वेलरी व्यापारियों को चिंतित कर दिया है। सोने और चांदी की कीमतों में वृद्धि के साथ, ज्वेलरी दुकानदार अब सुरक्षा के नए उपायों पर ध्यान दे रहे हैं। झांसी और अमेठी में सर्राफा व्यापार मंडल ने एक नया नियम लागू किया है, जिसके तहत यदि कोई ग्राहक चेहरा ढककर आता है, तो उसे दुकान में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
दुकानों के बाहर सुरक्षा के पोस्टर
झांसी के सीपरी बाजार में कई ज्वेलरी दुकानों के बाहर बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि ग्राहकों को दुकान के अंदर बिना चेहरा ढके ही खरीदारी करनी होगी। इसका सीधा अर्थ है कि यदि चेहरा ढका हुआ है, तो गहनों की बिक्री नहीं होगी।
चोरी की घटनाओं में वृद्धि
सर्राफा व्यापार मंडल के अनुसार, जैसे-जैसे सोने और चांदी की कीमतें बढ़ी हैं, चोरी की घटनाएं भी बढ़ी हैं। पहले जहां चोरी की घटनाएं कम होती थीं, अब ये नियमित रूप से हो रही हैं। खास बात यह है कि इन घटनाओं में महिलाएं भी शामिल हो रही हैं।
CCTV की सीमाएं
सीपरी बाजार के सर्राफा व्यापार मंडल के अध्यक्ष उदय सोनी ने बताया कि चोर अक्सर चेहरे को ढककर आते हैं। चोरी की घटनाएं CCTV में कैद हो जाती हैं, लेकिन चेहरे के ढके होने के कारण पहचान नहीं हो पाती। कई बार पुलिस संदिग्धों को पकड़ लेती है, लेकिन व्यापारी उन्हें पहचान नहीं पाते।
सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय
चोरी की बढ़ती घटनाओं से चिंतित होकर सीपरी बाजार के सर्राफा व्यापारियों ने एक बैठक बुलाई। लंबी चर्चा के बाद, सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि नकाब पहनकर आने वाले ग्राहकों को गहने नहीं दिखाए जाएंगे। यह नियम सभी दुकानों पर लागू होगा।
पुलिस से मिली अनुमति
व्यापार मंडल का कहना है कि यह निर्णय बिना किसी पूर्वाग्रह के लिया गया है। पुलिस से अनुमति और परामर्श के बाद ही दुकानों में पोस्टर लगाए गए हैं। इसका उद्देश्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है, न कि किसी विशेष वर्ग को निशाना बनाना।
अमेठी में भी लागू किया गया नियम
अमेठी में भी सर्राफा संगठन ने इसी तरह के पोस्टर लगाए हैं। दुकानदारों ने ग्राहकों से अपील की है कि वे चेहरा खोले बिना खरीदारी न करें। इस पहल का उद्देश्य सुरक्षा को बढ़ाना है, ताकि CCTV में चेहरा स्पष्ट रूप से आ सके और किसी घटना की स्थिति में पहचान में आसानी हो।