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ज्योतिष के अनुसार भारत और विश्व का भविष्य: प्रमुख घटनाओं की भविष्यवाणी

ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से आने वाले समय की घटनाओं का अनुमान लगाया गया है। प्रमुख ज्योतिषी रोहिताश्व त्रिवेदी ने राजनीतिक उथल-पुथल, प्रधानमंत्री मोदी के भविष्य, और भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। जानें कि क्या भारत और चीन के बीच संबंधों में सुधार होगा, और अमेरिका के साथ व्यापारिक स्थिति कैसी रहेगी। इस लेख में जानें और अधिक जानकारी के लिए पढ़ें।
 

ज्योतिष का महत्व

आज के समय में ज्योतिष शास्त्र की प्रासंगिकता अत्यधिक है। इसके माध्यम से हम देश और दुनिया में होने वाली घटनाओं का पूर्वानुमान लगा सकते हैं। हाल ही में एक विशेष कार्यक्रम में प्रसिद्ध ज्योतिषी रोहिताश्व त्रिवेदी ने भाग लिया, जहां हमने उनसे यह जानने का प्रयास किया कि भविष्य में देश और दुनिया के लिए क्या संभावनाएं हैं।


राजनीतिक उथल-पुथल की संभावना

- दिवाली तक राजनीतिक गतिविधियों में वृद्धि देखने को मिल सकती है, जिसमें और भी तनाव उत्पन्न हो सकता है।


प्रधानमंत्री मोदी का भविष्य

- विश्व विजय पंचांग के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए जुलाई से सितंबर के बीच कुछ अनिश्चितताएं बनी रह सकती हैं। दीपावली तक तनाव की स्थिति बनी रह सकती है, लेकिन उसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय में सकारात्मक बदलाव की संभावना है। इसके साथ ही, कैबिनेट में भी महत्वपूर्ण परिवर्तन हो सकते हैं।


विपक्ष की एकता

- ममता बनर्जी, राहुल गांधी और अखिलेश यादव के लिए जून और जुलाई में सकारात्मक संकेत मिले थे, लेकिन यह स्थिति अक्टूबर तक ही बनी रह सकती है। बिहार चुनाव के बाद विपक्ष की एकता में कमी आ सकती है।


भाजपा का नया अध्यक्ष

- भाजपा के नए अध्यक्ष के चयन का शुभ समय बीत चुका है, और देरी भाजपा के लिए हानिकारक साबित हो सकती है।


NDA में स्थिरता

- NDA में स्थिरता की उम्मीद नहीं है, जिससे प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा नेतृत्व में चिंता बढ़ सकती है। हालांकि, सरकार के गिरने की संभावना नहीं है।


भारत-चीन संबंध

- वैश्विक परिदृश्य में बदलाव आ रहा है। अगले तीन से चार महीनों में भारत और चीन के बीच असमंजस की स्थिति बनी रह सकती है। अक्टूबर से स्थिति में सुधार की उम्मीद है।


भारत-पाकिस्तान संबंध

हालांकि हमारी सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में साहस दिखाया, लेकिन संघर्ष विराम जल्दी हो गया। पाकिस्तान के साथ तनाव बना रहेगा, और संघर्ष विराम भंग होने की संभावना है।


भारत और अमेरिका के रिश्ते

- अमेरिका के साथ संबंध वर्तमान स्थिति में बने रहेंगे, लेकिन फरवरी के बाद स्थिरता आने की उम्मीद है।


राज्यों में कानून व्यवस्था

- कई राज्यों में कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका है, विशेषकर सीमावर्ती राज्यों और राष्ट्रीय राजधानी में।


नेतन्याहू की कुंडली

- इजरायल की अंतरराष्ट्रीय नीति में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन नेतन्याहू को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।


ट्रंप की लोकप्रियता

- अमेरिका में ट्रंप की लोकप्रियता में वृद्धि जारी रहेगी, और वह अपनी राजनीतिक रणनीतियों के माध्यम से इसका लाभ उठाएंगे।


रूस-यूक्रेन युद्ध

- रूस कुछ समय के लिए तनाव में रहेगा, लेकिन दिसंबर के बाद स्थिति में सुधार की उम्मीद है।