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जैसलमेर में 300 से अधिक मृत गायों का मामला: प्रशासन की कार्रवाई

जैसलमेर में एक कचरा डंपिंग स्थल पर 300 से अधिक मृत गायों के शव मिलने से क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है। प्रशासन ने ठेकेदार को नोटिस जारी कर उचित निपटान की कार्रवाई की है। इस घटना ने गौ संरक्षण के दावों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। वीडियो वायरल होने के बाद जनता का गुस्सा भड़क उठा, जिससे प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। क्या यह घटना गौ संरक्षण के लिए एक चेतावनी है?
 

जैसलमेर में गायों की दुर्दशा

जैसलमेर के जिला मुख्यालय से लगभग 7 किलोमीटर की दूरी पर एक कचरा डंपिंग स्थल पर 300 से ज्यादा मृत गायें पाई गईं। पुलिस ने इस घटना की पुष्टि की है। रविवार को नगर निगम के डंपिंग यार्ड में सड़ते हुए शवों की खोज की गई, जिसके बाद इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, जिससे क्षेत्र में व्यापक आक्रोश उत्पन्न हुआ। यह घटना मृत पशुओं के निपटान के लिए जिम्मेदार ठेकेदार की लापरवाही को उजागर करती है।


प्रशासनिक कार्रवाई

नगर परिषद के ठेकेदार द्वारा मृत गायों का उचित निपटान न करने से गौ प्रेमियों और आम जनता में गहरा असंतोष उत्पन्न हुआ है। इस मामले का संज्ञान लेते हुए, जैसलमेर की जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने एक तथ्यात्मक रिपोर्ट की मांग की है। इसके साथ ही, नगर परिषद आयुक्त लाजपाल सिंह सोढ़ा ने ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है, क्योंकि खुले में पड़े शवों से पर्यावरण प्रदूषण का गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है।


घटनास्थल पर कार्रवाई

प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद, ठेकेदार ने डंपिंग यार्ड से मृत गायों के शवों को हटाने के लिए जेसीबी मशीनें तैनात कीं। यह घटना रामगढ़ रोड पर स्थित नगर परिषद के डंपिंग यार्ड में हुई। शनिवार को कुछ गौ प्रेमी उस क्षेत्र में पहुंचे और वहां बिखरे हुए 300 से अधिक मृत गायों के शवों को देखकर बेहद परेशान हो गए। रविवार को जब वीडियो वायरल हुए, तो जनता का गुस्सा भड़क उठा, जिसके बाद जिला प्रशासन और नगर परिषद ने ठेकेदार को तुरंत साइट साफ करने का निर्देश दिया।


नोटिस और चेतावनी

नगर परिषद आयुक्त लाजपाल सिंह सोढ़ा ने मृत पशुओं के ठेकेदार को नोटिस जारी किया है। आधिकारिक नोटिस में कहा गया है कि आपको जैसलमेर नगर परिषद की सीमा के भीतर मृत पशुओं, खाल और हड्डियों को उठाने का ठेका दिया गया था। यह पता चला है कि आप मृत पशुओं को डंपिंग यार्ड में खुले में फेंक रहे हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में विरोध उत्पन्न हो रहा है। यदि आप ऐसा करना जारी रखते हैं, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी और आपका अनुबंध रद्द कर दिया जाएगा।


राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

हालांकि राजनीतिक मंचों पर गौ संरक्षण के नारे अक्सर सुनाई देते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अक्सर भयावह होती है। जैसलमेर से सामने आ रही सैकड़ों मृत गायों की तस्वीरें पशुओं की देखभाल और संरक्षण के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।


सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया