जिम्मी मगिलिगन की पुण्यतिथि पर सस्टेनेबल डेवलपमेंट सप्ताह का आयोजन
सप्ताह की शुरुआत
इंदौर, 15 अप्रैल 2026 – पद्मश्री जनक पलटा मगिलिगन के दिवंगत पति, श्री जिम्मी मगिलिगन की 15वीं पुण्यतिथि के अवसर पर जिम्मी मगिलिगन फाउंडेशन फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट द्वारा ‘जिम्मी मगिलिगन स्मृति सस्टेनेबल डेवलपमेंट सप्ताह’ का आयोजन किया जा रहा है, जो 15 से 21 अप्रैल 2026 तक चलेगा।
इस सप्ताह का आरंभ सनावदिया में उनके निवास ‘गिरिदर्शन’ पर सोलर कुकिंग फूड फेस्टिवल से होगा। पूरे सप्ताह विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जो 21 अप्रैल को सर्वधर्म प्रार्थना सभा के साथ समाप्त होगा।
जिम्मी मगिलिगन का योगदान
जिम्मी मगिलिगन का अविस्मरणीय योगदान
श्री जिम्मी मगिलिगन उत्तरी आयरलैंड के निवासी और ब्रिटिश नागरिक थे। उन्होंने 1988 से 2011 तक इंदौर के बरली डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट फॉर रूरल वीमेन में प्रबंधक के रूप में कार्य किया। बहाई विश्व केंद्र के निमंत्रण पर भारत आए जिम्मी जी ने 25 वर्षों तक अपनी पत्नी जनक पलटा मगिलिगन के साथ मिलकर 500 गांवों की 6000 आदिवासी लड़कियों को सस्टेनेबल विकास का प्रशिक्षण दिया।
वे मध्य भारत में सोलर किचन स्थापित करने वाले पहले व्यक्तियों में से एक थे। 1998 में, उन्होंने बरली संस्थान में देश का सबसे बड़ा सोलर किचन स्थापित किया, जो आज भी 150 लोगों के लिए भोजन तैयार करता है और हर साल सैकड़ों लीटर लकड़ी और गैस बचाता है। इसके बाद, उन्होंने झाबुआ, धार और इंदौर के अनाथालयों में भी बड़े सोलर किचन स्थापित किए।
ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने 2008 में उन्हें ऑर्डर ऑफ ब्रिटिश एम्पायर से सम्मानित किया। उनका निधन 21 अप्रैल 2011 को एक सड़क दुर्घटना में हुआ।
सप्ताह भर के कार्यक्रम
सप्ताह भर के कार्यक्रम
- 15 अप्रैल – सोलर कुकिंग फूड फेस्टिवल (गिरिदर्शन, सनावदिया)
- 16 अप्रैल – अक्रोपोलिस इंस्टीट्यूट
- 17 अप्रैल – श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय
- 18 अप्रैल – रहेजा सोलर फूड परिसर, पालदा
- 19 अप्रैल – लाइफ केयर हॉस्पिटल, इंदौर
- 20 अप्रैल – देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग
- 21 अप्रैल – सर्वधर्म प्रार्थना सभा (गिरिदर्शन)
मुख्य वक्ता के रूप में गुजरात के प्रसिद्ध सोलर इंजीनियर दीपक गढ़िया और महाराष्ट्र के सोलर विशेषज्ञ डॉ. अजय चांडक शामिल होंगे।
कार्यक्रम का उद्देश्य
कार्यक्रम का उद्देश्य
जनक पलटा मगिलिगन ने बताया कि इस सप्ताह का मुख्य उद्देश्य जिम्मी जी की याद में सभी आयु वर्ग के लोगों को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, सोलर ऊर्जा, कचरामुक्त जीवन और सस्टेनेबल लिविंग के प्रति जागरूक करना है। फाउंडेशन किसी भी प्रकार का आर्थिक सहयोग नहीं लेता और पूरी तरह से स्वैच्छिक सेवा भाव से कार्य करता है।
जनक दीदी ने 2011 से अब तक 1 लाख 86 हजार 645 लोगों को सस्टेनेबल डेवलपमेंट का प्रशिक्षण दिया है।
यह सप्ताह भारत के सस्टेनेबल डेवलपमेंट लक्ष्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।