जयपुर में धातु विज्ञान पर संगोष्ठी का आयोजन, उद्योग-शैक्षणिक सहयोग पर चर्चा
संगोष्ठी का आयोजन
जयपुर। मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जयपुर द्वारा 26 सितंबर को "इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेटल्स के माध्यम से उद्योग–शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करना" विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में धातु एवं पदार्थ विज्ञान के क्षेत्र में उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और छात्रों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जाएगा।
मुख्य अतिथि और प्रतिभागी
इस अवसर पर डॉ. कोमल कपूर, जो न्यूक्लियर फ्यूल कॉम्प्लेक्स (NFC) के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। संगोष्ठी में BARC, NFCh, MNIT जयपुर, IIT रुड़की, IIT जोधपुर जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के वरिष्ठ वैज्ञानिक और विशेषज्ञ भी शामिल होंगे।
IIM ATM 2026 की तैयारी
यह संगोष्ठी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेटल्स (IIM) की 80वीं वार्षिक तकनीकी बैठक (IIM ATM 2026) के कर्टेन रेज़र कार्यक्रम के रूप में आयोजित की जा रही है। IIM ATM 2026 का आयोजन 10 से 12 दिसंबर, 2026 तक जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में होगा। यह सम्मेलन पदार्थ एवं धातुकर्म के क्षेत्र में एक प्रमुख तकनीकी कार्यक्रम है।
सम्मेलन में भागीदारी
IIM ATM 2026 में देश-विदेश से 1500 से अधिक वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग प्रतिनिधियों और छात्रों के भाग लेने की उम्मीद है। तीन दिवसीय इस सम्मेलन में समकालीन और महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। पहले दिन सतत हरित और परमाणु ऊर्जा अनुप्रयोगों के लिए पदार्थ पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन होगा, इसके बाद दो दिनों तक वार्षिक तकनीकी बैठक होगी।
उद्योग-शैक्षणिक संवाद
जयपुर और आसपास के क्षेत्रों के प्रमुख उद्योगों और मध्यम, बड़े और लघु उद्योगों की सक्रिय भागीदारी से यह आयोजन उद्योग–शैक्षणिक संवाद और सहयोग का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मंच बनने की दिशा में अग्रसर है।
26 सितंबर, 2026 को होने वाली संगोष्ठी, IIM ATM 2026 की तैयारियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह संगोष्ठी भारत में धातु एवं पदार्थ क्षेत्र के भविष्य, अनुसंधान और नवाचार की संभावनाओं तथा उद्योग और अकादमिक जगत के बीच दीर्घकालिक सहयोग को लेकर व्यापक राष्ट्रीय स्तर के संवाद के लिए आधार तैयार करेगी।