जयपुर में ठगी का मामला: दो भाइयों से 22 लाख रुपये की धोखाधड़ी
धोखाधड़ी का मामला उजागर
जयपुर में दो भाइयों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर एक परिचित ने 22 लाख रुपये ठग लिए हैं। यह मामला तब सामने आया जब आरोपियों ने नगर निगम में इंस्पेक्टर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर पीड़ितों से पैसे लिए। ठगों ने भरोसा दिलाने के लिए फर्जी ट्रेनिंग भी आयोजित की और हर महीने 80 हजार रुपये की सैलरी का वादा किया। जब नौकरी नहीं मिली, तब भाइयों को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
80 हजार रुपये की सैलरी का लालच
जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए कहा कि उनकी नगर निगम में अच्छी पहचान है और वे इंस्पेक्टर की नौकरी दिला सकते हैं। उन्होंने दोनों भाइयों को आश्वस्त किया कि नौकरी लगते ही उन्हें 70 से 80 हजार रुपये प्रति माह की सैलरी मिलेगी। सरकारी नौकरी का अवसर समझकर पीड़ित उनकी बातों में आ गए।
किस्तों में 22 लाख रुपये की ठगी
पीड़ितों का कहना है कि आरोपियों ने अलग-अलग बहाने बनाकर कई बार पैसे लिए। कभी फाइल लगाने के नाम पर, कभी मेडिकल, कभी ट्रेनिंग और कभी नियुक्ति पत्र बनवाने के नाम पर रुपये मांगे गए। इस तरह से धीरे-धीरे करीब 22 लाख रुपये ठग लिए गए।
फर्जी ट्रेनिंग का आयोजन
ठगों ने शक न होने के लिए कुछ दिनों तक कथित ट्रेनिंग भी करवाई। पीड़ितों को एक स्थान पर बुलाकर बताया गया कि यह नगर निगम की ट्रेनिंग है और जल्द ही नियुक्ति पत्र मिल जाएगा। ट्रेनिंग के दौरान उन्हें नियम, ड्यूटी और काम के बारे में बताया गया, जिससे उन्हें लगा कि नौकरी पक्की हो गई है।
नियुक्ति पत्र न मिलने पर हुआ शक
काफी समय बीत जाने के बाद भी जब नियुक्ति पत्र नहीं मिला, तो दोनों भाइयों को संदेह हुआ। उन्होंने आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी टालमटोल करने लगे और बाद में फोन उठाना भी बंद कर दिया। तब जाकर पीड़ितों को समझ आया कि उनके साथ ठगी हुई है।
पुलिस में शिकायत दर्ज
इसके बाद दोनों भाई थाने गए और पूरी घटना की जानकारी दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जिन पर आरोप लगाया गया है, उनकी तलाश की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
पुलिस की चेतावनी
पुलिस का कहना है कि नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। लोग सरकारी नौकरी के लालच में बिना जांच किए पैसे दे देते हैं, जिसका फायदा ठग उठाते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नौकरी के नाम पर किसी को भी पैसे न दें और किसी भी ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी जांच जरूर करें।
निष्कर्ष
नगर निगम में इंस्पेक्टर बनाने का सपना दिखाकर 22 लाख रुपये ठगने का यह मामला लोगों के लिए एक चेतावनी है। ठगों ने फर्जी ट्रेनिंग तक करवाई ताकि किसी को शक न हो, लेकिन अंततः सच सामने आ गया और अब पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।