जयपुर में 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन का उद्घाटन, डिजिटल गवर्नेंस पर जोर
डिजिटल गवर्नेंस का नया अध्याय
जयपुर ने अगले दो दिनों के लिए देश में डिजिटल गवर्नेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा संचालित प्रशासन और भविष्य की तकनीकों पर होने वाले सबसे बड़े राष्ट्रीय मंथन का केंद्र बन गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन (National e-Governance Conference – NCeG 2026) का उद्घाटन किया।
सम्मेलन की थीम और आयोजन
इस वर्ष की सम्मेलन की थीम “विकसित भारत 2047: एआई सक्षम, डेटा संचालित एवं सुरक्षित डिजिटल गवर्नेंस” रखी गई है। यह आयोजन भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और राजस्थान सरकार के सहयोग से किया जा रहा है।
प्रतिनिधियों की भागीदारी
इस सम्मेलन में 2,700 से अधिक प्रतिनिधि, 200 से ज्यादा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वक्ता, 1,100 से अधिक स्टार्टअप्स, 400 से अधिक शिक्षाविद, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी, नीति-निर्माता और उद्योग विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री की घोषणाएं
उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान की डिजिटल गवर्नेंस को नई दिशा देने वाली कई महत्वपूर्ण पहलों की घोषणा की।
नई डिजिटल सेवाओं का शुभारंभ
- राजस्थान लैंग्वेज मॉडल ट्रेनिंग हैकाथॉन
- स्मार्ट राजस्थान परियोजना (स्वचालित नागरिक सेवा वितरण मंच)
- राजस्थान इनोवेशन चैलेंज
- ई-मित्र व्हाट्सएप सेवा
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने “डिजिटल राजस्थान कॉफी टेबल बुक” का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक केवल सुविधा का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक समावेशन और जनकल्याण का सबसे प्रभावी साधन बननी चाहिए।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया, जनधन-आधार-मोबाइल (JAM) ट्रिनिटी और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) ने सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाया है।
राजस्थान की डिजिटल उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की कई प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख किया।
राजस्थान संपर्क
राजस्थान संपर्क पोर्टल पर हर महीने लगभग 2.5 से 3 लाख शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया जा रहा है।
AI एवं मशीन लर्निंग पॉलिसी 2026
राजस्थान सरकार ने
- AI-ML Policy 2026
- AI एवं क्वांटम कंप्यूटिंग मिशन
स्टार्टअप इकोसिस्टम में वृद्धि
पिछले दो वर्षों में राजस्थान के स्टार्टअप सेक्टर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
| क्षेत्र | पहले | वर्तमान |
|---|---|---|
| स्टार्टअप | 4,000 | 8,500+ |
| निवेश | ₹250 करोड़ | ₹1,000 करोड़+ |
| रोजगार | 22,000 | 47,000+ |
राज्य सरकार ने
- 9 इन्क्यूबेशन सेंटर
- 65 आई-स्टार्ट लॉन्चपैड
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में
- 1,686 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क
- हजारों सरकारी भवन डिजिटल नेटवर्क से जुड़े
- 3,200 से अधिक ग्राम पंचायतों में 12,500 हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्शन
- 79,000 से अधिक ई-मित्र कियोस्क
- 900 से अधिक ऑनलाइन सरकारी सेवाएं
भर्ती में AI आधारित पारदर्शिता
राजस्थान में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में
- AI आधारित फोटो सत्यापन
- e-KYC
साइबर सुरक्षा पर ध्यान
राज्य सरकार ने
- आधुनिक साइबर लैब
- साइबर रेंज प्लेटफॉर्म
उद्योग जगत के साथ बैठक
सम्मेलन के बाद मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ उच्च स्तरीय राउंड टेबल बैठक की। उन्होंने कहा कि राजस्थान तेजी से देश का प्रमुख केंद्र बन रहा है—
- Artificial Intelligence
- Data Centres
- Global Capability Centres (GCC)
- Drone Technology
- Geospatial Technologies
डेटा सेंटर निवेश
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य को ₹43,000 करोड़ से अधिक के डेटा सेंटर निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। प्रमुख निवेशकों में शामिल हैं—
- STT GDC
- HG Ekayaa
- Niyo Bolt
- Jtudium
भविष्य की डिजिटल रणनीति
मुख्यमंत्री ने आने वाले वर्षों के लिए कई नई प्राथमिकताओं की घोषणा की। इनमें प्रमुख हैं—
- AI Excellence Centre
- Quantum Computing
- Startup Friendly Procurement
- Industry-Academia Partnership
- AI आधारित प्रशासन
- Data Centre Expansion
- Research एवं Innovation Ecosystem
- नई तकनीकों के माध्यम से रोजगार सृजन
आईटी मंत्री का बयान
सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि शासन अब Governance → e-Governance → AI Governance की दिशा में आगे बढ़ चुका है।
मुख्य सचिव का संदेश
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस प्रशासनिक परिवर्तन का सबसे मजबूत आधार बन चुका है।
सम्मेलन में उपस्थित प्रमुख गणमान्य
राजनीतिक नेतृत्व
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
- सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़
- संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी
- वी. श्रीनिवास — मुख्य सचिव, राजस्थान
- एस. कृष्णन — सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार
- निवेदिता शुक्ला वर्मा — सचिव, प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG), भारत सरकार
- डॉ. रवि कुमार सुरपुर — शासन सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग, राजस्थान
निष्कर्ष
29वां राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन केवल एक सरकारी आयोजन नहीं बल्कि भारत के डिजिटल भविष्य की दिशा तय करने वाला राष्ट्रीय मंच बनकर उभरा है। AI आधारित प्रशासन, डेटा संचालित निर्णय प्रणाली, सुरक्षित डिजिटल अवसंरचना, स्टार्टअप नवाचार और नागरिक-केंद्रित सेवाओं पर राजस्थान का जोर स्पष्ट संकेत देता है कि राज्य आने वाले वर्षों में AI, डेटा सेंटर, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और स्मार्ट गवर्नेंस का राष्ट्रीय नेतृत्व करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।