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जयपुर के अस्पताल में अग्निकांड: जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य

जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल में 5 अक्टूबर 2025 को हुए अग्निकांड की जांच रिपोर्ट ने कई चौंकाने वाले तथ्य सामने लाए हैं। इस घटना में 6 मरीजों की जान गई, और रिपोर्ट में अस्पताल की लापरवाही, सुरक्षा व्यवस्था की खामियों और स्टाफ की जिम्मेदारी से भागने की मानसिकता को उजागर किया गया है। जानें इस रिपोर्ट में और क्या खुलासे हुए हैं।
 

अग्निकांड की जांच रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु


जयपुर स्थित सवाई मान सिंह (SMS) अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में 5 अक्टूबर 2025 को हुई भयानक आग की घटना की जांच रिपोर्ट ने कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं। इस अग्निकांड में ICU-2 में आग लगने से 6 मरीजों की जान चली गई। चार महीने बाद फरवरी 2026 में आई जांच कमेटी की रिपोर्ट ने अस्पताल की लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर किया है।


जांच रिपोर्ट से सामने आए मुख्य तथ्य:



  • आग की शुरुआत स्टोर रूम से हुई, जहां दवाइयां, कॉटन-गॉज और स्पिरिट जैसे ज्वलनशील सामान रखे गए थे। यह स्टोर रूम 12 बेड वाले ICU का हिस्सा था, लेकिन बेड हटाकर इसे स्टोर में बदल दिया गया था, जो मरीजों के बेड के निकट था – यह एक बड़ा खतरा था।

  • आग लगने की सूचना सबसे पहले मरीजों के परिजनों ने दी। लगभग रात 11:30 बजे शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई, लेकिन स्टाफ ने दो-तीन बार बताने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की। धुआं उठने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई।

  • स्टोर रूम पर ताला लगा था। धुआं उठने के बाद भी स्टाफ करीब 30 मिनट तक चाबी खोजता रहा। इंचार्ज दीनदयाल अग्रवाल और सेकेंड इंचार्ज कमल किशोर गुप्ता को चाबी का स्थान नहीं पता था। जांच कमेटी को भी चाबी नहीं मिली।

  • CCTV फुटेज में यह देखा गया कि नर्सिंग ऑफिसर उदयसिंह ने वॉर्ड बॉय से ताला तोड़ने के लिए कहा, लेकिन खुद अपना काला बैग उठाकर ICU से भाग गए। अन्य स्टाफ सदस्य भी ड्यूटी छोड़कर भाग गए, जबकि मरीज जल रहे थे।

  • मरीजों को बचाने का कार्य ज्यादातर उनके परिजनों ने किया – जैसे एक महिला मरीज को उसके पति ने घसीटकर बाहर निकाला, जबकि दूसरे को गोद में उठाकर बचाया। स्टाफ ने कोई मदद नहीं की, बल्कि भागते नजर आए।

  • ICU में फायर अलार्म और स्मोक डिटेक्टर लगे थे, लेकिन उस रात अलार्म नहीं बजा। फायर फाइटिंग सिस्टम का कभी सही से निरीक्षण नहीं हुआ, केवल बाहरी प्रेशर पॉइंट चेक करके औपचारिकता निभाई गई।

  • रिपोर्ट का निष्कर्ष: आग शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई हो सकती है, लेकिन मुख्य कारण लापरवाही, अव्यवस्था, जिम्मेदारी से भागना और सुरक्षा व्यवस्था की कमी थी। चेतावनियों को अनसुना किया गया और निर्णयों में देरी हुई।