जम्मू-कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी कमांडर हाशिम मूसा का खात्मा
श्रीनगर में मुठभेड़ की घटना
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षाबलों ने एक मुठभेड़ के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के एक प्रमुख आतंकी कमांडर को मार गिराया है। अधिकारियों के अनुसार, मारे गए आतंकी की पहचान हाशिम मूसा के रूप में हुई है। यह कार्रवाई यूसमर्ग के कोराग क्षेत्र में की गई, जहां सुरक्षाबलों को आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी।
खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान
भारतीय सेना की चिनार कॉर्प्स ने बताया कि विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने यूसमर्ग के कोराग इलाके में संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया। संदिग्ध गतिविधियों के चलते मुठभेड़ शुरू हुई, जिसे ‘ऑपरेशन कोराग’ नाम दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार, इस मुठभेड़ में एक आतंकी मारा गया, जिसकी पहचान लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर हाशिम मूसा के रूप में हुई। इलाके में अन्य आतंकियों की मौजूदगी की आशंका को देखते हुए तलाशी अभियान जारी रखा गया।
मूसा की आतंकवादी गतिविधियों का इतिहास
रिपोर्टों के अनुसार, हाशिम मूसा पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था और जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी गतिविधियों में उसकी तलाश की जा रही थी। अधिकारियों ने बताया कि वह पहले भी सुरक्षाबलों की कार्रवाई से बच निकलने में सफल रहा था।
कुछ मीडिया रिपोर्टों में उसे मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा और अन्य जगहों पर सुलेमान शाह उर्फ मूसा के नाम से भी जाना गया है।
सितंबर में सुरक्षाबलों की सक्रियता
हाशिम मूसा के मारे जाने की घटना जम्मू-कश्मीर में सितंबर के दौरान सुरक्षाबलों की आतंकवाद विरोधी कार्रवाइयों के बीच हुई है। इस महीने में कई अभियानों में कई आतंकियों को मारा गया है।
सुरक्षा एजेंसियों की नजर लंबे समय से मूसा पर थी। 5 सितंबर को यूसमर्ग क्षेत्र में हुई एक मुठभेड़ में उसके एक करीबी सहयोगी के मारे जाने की भी रिपोर्ट आई थी।
तलाशी अभियान जारी
मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान जारी रखा। अधिकारियों को आशंका थी कि क्षेत्र में अन्य आतंकियों की मौजूदगी हो सकती है। इस कारण अभियान को आगे बढ़ाया गया और इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया।
फिलहाल सुरक्षाबलों की ओर से अभियान से जुड़ी आगे की जानकारी का इंतजार है। हाशिम मूसा की पहचान और उसके खिलाफ दर्ज मामलों से संबंधित जानकारी भी सुरक्षा एजेंसियों की जांच के आधार पर स्पष्ट हो सकती है।
सुरक्षा व्यवस्था में वृद्धि
बडगाम में हुई यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही हैं। मूसा के मारे जाने के बाद इलाके में सुरक्षा और तलाशी व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।