जम्मू-कश्मीर में नशा तस्करी और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई
सुरक्षा एजेंसियों की सख्त कार्रवाई
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने नशा तस्करी और आतंकवाद के खिलाफ अपने 'जीरो टॉलरेंस' दृष्टिकोण को और मजबूत किया है। राजीव नगर, जम्मू में ड्रग माफियाओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर बुलडोज़र कार्रवाई, श्रीनगर में आतंकियों के सहयोगियों की गिरफ्तारी और एनआईए द्वारा जैश के एक आतंकवादी की संपत्ति की कुर्की ने एक व्यापक सुरक्षा रणनीति को उजागर किया है।
राजीव नगर में ड्रग तस्करों के खिलाफ अभियान
जम्मू के नरवाल क्षेत्र में प्रशासन और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मिलकर ड्रग तस्करों के कई मकानों और व्यावसायिक ढांचों को ध्वस्त किया। यह क्षेत्र लंबे समय से अवैध गतिविधियों का केंद्र रहा है। बुलडोज़र कार्रवाई उन संपत्तियों पर केंद्रित थी, जो मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित धन से बनी थीं या सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाई गई थीं। अधिकारियों के अनुसार, कई आरोपियों से जुड़ी संपत्तियां इस कार्रवाई में जमींदोज कर दी गईं। इस अभियान का उद्देश्य न केवल ड्रग नेटवर्क को कमजोर करना था, बल्कि समाज में एक सख्त संदेश भी देना था।
श्रीनगर में आतंकवाद के खिलाफ सफलता
श्रीनगर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने हजरतबल क्षेत्र से एक महिला सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जो आतंकवादियों को सहायता प्रदान कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में जाहूर अहमद मीर, बशीर अहमद भट, गुलाम मोहम्मद भट और शाजिया मोहम्मद शामिल हैं। इनके पास से एक हथगोला, एके-47 की 15 गोलियां, चार मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई है। इन पर Unlawful Activities (Prevention) Act (यूएपीए) और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह गिरफ्तारी सुरक्षा एजेंसियों की आतंकियों के ओवरग्राउंड नेटवर्क को ध्वस्त करने की कोशिशों को दर्शाती है।
एनआईए की कार्रवाई
National Investigation Agency (एनआईए) ने भी एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है, जिसमें Jaish-e-Mohammed के आतंकवादी फैयाज अहमद मगरे की संपत्तियों को कुर्क किया गया है। यह कार्रवाई 2017 में लेथपोरा स्थित सीआरपीएफ कैंप पर हुए फिदायीन हमले के मामले में की गई, जिसमें पांच जवान शहीद हुए थे। कुर्क की गई संपत्तियों में पुलवामा जिले के लेथपोरा क्षेत्र में स्थित जमीन और आवासीय परिसर शामिल हैं, जिन्हें आतंकवाद से अर्जित संपत्ति माना गया है। यह कदम अदालत के आदेश के बाद उठाया गया और इसका उद्देश्य आतंकवाद की आर्थिक जड़ों को समाप्त करना है।
सुरक्षा नीति का व्यापक दृष्टिकोण
जम्मू-कश्मीर में अब सुरक्षा नीति केवल आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके आर्थिक स्रोतों, सहयोगियों और सामाजिक नेटवर्क पर भी सीधा प्रहार किया जा रहा है।