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जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन शेरुवाली: आतंकवाद विरोधी अभियान का 33वां दिन

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में चल रहे ऑपरेशन शेरुवाली का आज 33वां दिन है। सुरक्षा बल घने जंगलों में आतंकवादियों का पता लगाने के लिए व्यापक तलाशी अभियान चला रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखना है। साथ ही, अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की जा रही है। जानें इस अभियान की प्रगति और सुरक्षा बलों की प्रतिबद्धता के बारे में।
 

ऑपरेशन शेरुवाली का विस्तार

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के मंजाकोट सेक्टर में चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियान, जिसे "ऑपरेशन शेरुवाली" कहा जाता है, आज अपने तैंतीसवें दिन में प्रवेश कर गया है। सुरक्षा बल घने जंगलों और कठिन पहाड़ी क्षेत्रों में व्यापक तलाशी अभियान चला रहे हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में छिपे हुए हथियारबंद घुसपैठियों का पता लगाना और उन्हें निष्क्रिय करना है।


अभियान की प्रगति

यह अभियान मई के अंतिम सप्ताह में शुरू हुआ था और यह जम्मू-कश्मीर के घने वन क्षेत्रों में चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि अभियान पूरी योजना के अनुसार चल रहा है और सभी बल उच्च सतर्कता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं। जंगलों और पहाड़ी इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर त्वरित कार्रवाई की जा सके और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


सुरक्षा बलों की प्रतिबद्धता

अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बल क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। अभियान के तहत अतिरिक्त जांच चौकियां स्थापित की गई हैं और क्षेत्र में दबदबा बनाए रखने के लिए निरंतर गश्त की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इलाके के हर हिस्से पर कड़ी नजर रख रही हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय पर रोका जा सके।


स्थानीय सहयोग की अपील

दोरीमल वन क्षेत्र में तलाशी अभियान के साथ सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती राजौरी जिले में स्थायी शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए यह अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है।


नौशेरा सेक्टर में बारूदी सुरंग विस्फोट

सोलह जून को नियंत्रण रेखा के पास नौशेरा सेक्टर के अग्रिम कलाल इलाके में गश्त के दौरान एक आकस्मिक बारूदी सुरंग विस्फोट की घटना हुई थी। जम्मू-कश्मीर पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सुबह करीब ग्यारह बजे चार कुमाऊं की टुकड़ी नियमित गश्त पर थी, तभी अचानक बारूदी सुरंग में विस्फोट हो गया। इस हादसे में एक जूनियर कमीशंड अधिकारी सहित सेना के तीन जवान घायल हो गए थे। घायल सैनिकों को प्राथमिक उपचार के बाद उधमपुर स्थित सेना के कमांड अस्पताल में भर्ती कराया गया।


सुरक्षा कार्रवाइयों की निरंतरता

राजौरी और नौशेरा के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा कार्रवाइयों से यह स्पष्ट है कि सुरक्षा बल आतंकवाद और घुसपैठ की किसी भी कोशिश को विफल करने के लिए पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए तलाशी, निगरानी और गश्त का अभियान लगातार जारी रहेगा।


अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा समीक्षा

जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात ने आतंकवाद-रोधी उपायों और आगामी अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की है। उन्होंने विभिन्न सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की, जिसमें यात्रा के लिए तैयार की जा रही बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की गई। डीजीपी ने सभी सुरक्षा इकाइयों की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की और वार्षिक तीर्थयात्रा के सुरक्षित संचालन के लिए बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।


अमरनाथ यात्रा का कार्यक्रम

57 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू होगी। यह यात्रा पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से संचालित की जाएगी। यात्रा का समापन 28 अगस्त को रक्षा बंधन के अवसर पर होगा।