जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई
सुरक्षा एजेंसियों की छापेमारी
जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी नेटवर्क और उनके स्लीपर सेल के खिलाफ सुरक्षा बलों ने अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है। बुधवार को, जम्मू-कश्मीर पुलिस की 'काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर' (CIK) इकाई ने घाटी के छह जिलों में एक साथ व्यापक छापेमारी की। यह कार्रवाई आतंकवाद और पाकिस्तान से जुड़ी फंडिंग के एक दशक पुराने मामले की जांच के तहत की गई। अधिकारियों के अनुसार, हाल में प्राप्त खुफिया जानकारी, तकनीकी विश्लेषण और चल रही जांच के आधार पर, घाटी के छह जिलों में आठ संदिग्ध स्थानों की पहचान की गई थी, जहां तड़के एक साथ दबिश दी गई।
छापेमारी के स्थान
अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर और बांदीपोरा जिलों में दो-दो स्थानों के साथ-साथ कुपवाड़ा, अनंतनाग, कुलगाम और बारामूला जिलों में एक-एक स्थान पर छापेमारी की गई। यह मामला 2015 में दर्ज किया गया था और यह पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी संगठनों, उनके स्लीपर सेल नेटवर्क और जम्मू-कश्मीर में भर्ती, कट्टरपंथीकरण और आतंकवाद को बढ़ावा देने से संबंधित गतिविधियों से जुड़ा है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि संदिग्धों पर गोपनीय संचार माध्यमों के जरिए पाकिस्तान में स्थित आतंकवादी आकाओं के संपर्क में रहने का आरोप है। इसके अलावा, उन पर चरमपंथी प्रचार फैलाने और कट्टरपंथ से संबंधित गतिविधियों में संलिप्त होने का संदेह भी है।
डिजिटल सर्विलांस से मिली जानकारी
सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि जिन संदिग्धों के ठिकानों पर छापेमारी की गई, वे गोपनीय संचार माध्यमों और सोशल मीडिया के जरिए सीधे पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी आकाओं से जुड़े हुए थे।
इन पर आरोप है कि वे डिजिटल माध्यमों का उपयोग करके घाटी में चरमपंथी प्रचार फैलाने और युवाओं का ब्रेनवॉश करने का प्रयास कर रहे थे। छापेमारी के दौरान सुरक्षा बलों ने कई डिजिटल उपकरण और संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से कश्मीर में सक्रिय स्लीपर सेल नेटवर्क को तोड़ने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।