जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान: ऑपरेशन शेरुवाली की प्रगति
आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक संघर्ष
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ चल रहा निर्णायक अभियान अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। राजौरी के डोरीमल और गंभीर मुगलान के घने जंगलों में चल रहा 'ऑपरेशन शेरुवाली' अब चौबीसवें दिन में प्रवेश कर चुका है। यह स्पष्ट है कि भारतीय सुरक्षा बल आतंकियों को किसी भी कीमत पर जीवित नहीं छोड़ेंगे। पहाड़ों, चट्टानों और गहरी खाइयों से घिरे इस क्षेत्र में सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां दिन-रात आतंकियों की खोज में जुटी हैं। यह केवल एक सैन्य अभियान नहीं है, बल्कि उस खतरनाक आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक लड़ाई है जिसने दशकों से जम्मू-कश्मीर को प्रभावित किया है।
ऑपरेशन शेरुवाली की स्थिति
डोरीमल के दुर्गम जंगलों में सुरक्षा बलों ने एक ऐसा घेरा बनाया है जिसे अधिकारी 'अभेद्य घेरा' कह रहे हैं। आतंकियों के सभी संभावित भागने के रास्ते बंद कर दिए गए हैं। पहाड़ी ढलानों और चट्टानी इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा बलों की अतिरिक्त टुकड़ियां, आधुनिक निगरानी उपकरण और भारी रसद समर्थन मौके पर तैनात हैं। मई के अंत में जब इस अभियान ने एक महत्वपूर्ण मोड़ लिया, तब इलाके में भारी गोलीबारी हुई थी। उस समय यह स्पष्ट हो गया था कि जंगलों में छिपे आतंकी किसी भी हाल में बचने की कोशिश करेंगे, लेकिन सेना ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया।
शहीद जवान को श्रद्धांजलि
इस कठिन अभियान की कीमत भी हमारे जवान चुका रहे हैं। सात जून को एक जवान अभियान के दौरान शहीद हो गया। दुर्गम पहाड़ी इलाके में चट्टान से गिरने के कारण उसे गंभीर चोटें आईं। उसे तुरंत इलाज के लिए निकाला गया, लेकिन वह जिंदगी की जंग हार गया। यह घटना दर्शाती है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई केवल गोलियों की नहीं, बल्कि प्राकृतिक चुनौतियों से भी है। इसके बावजूद सुरक्षा बलों का हौसला अडिग है। जवान लगातार जंगलों में डटे हैं और आतंकियों के सफाए तक पीछे हटने को तैयार नहीं।
राजौरी में शौर्य चक्र विजेता की पुण्यतिथि
राजौरी में चल रहे इस अभियान के बीच, पुंछ के सलानी गांव में शौर्य चक्र विजेता राइफलमैन औरंगजेब की आठवीं पुण्यतिथि पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। यह आतंकवाद के खिलाफ जनता की भावना का जीवंत प्रमाण है। भारतीय सेना, प्रशासन और स्थानीय लोगों ने मिलकर उस वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी जिसने देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति दी। गांव का माहौल गर्व और गम दोनों से भरा हुआ था। औरंगजेब के पिता और पूर्व सैनिक मोहम्मद हनीफ ने आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट संदेश दिया कि यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद का पूरी तरह सफाया नहीं हो जाता।
आतंकवादियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंक के आकाओं पर कानूनी शिकंजा कस दिया है। काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर ने हिज्बुल मुजाहिदीन के पाकिस्तान में बैठे सरगना सैयद सलाहुद्दीन समेत चार आतंकियों के खिलाफ अदालत के उद्घोषणा आदेश की तामील की है। अदालत ने निर्देश दिया है कि ये आरोपी चौदह जुलाई तक अदालत में पेश हों, अन्यथा उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सलाहुद्दीन के खिलाफ अदालत का आदेश
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हिज्बुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन और तीन अन्य के खिलाफ अदालत द्वारा जारी उद्घोषणा आदेश पर तामील किया है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि अदालत ने निर्देश दिया है कि आरोपी 14 जुलाई 2026 को सुबह 10 बजे अदालत में पेश हों। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता
यह कार्रवाई आतंकवाद के पूरे नेटवर्क को समाप्त करने की रणनीति का हिस्सा है। एक ओर सेना जंगलों में आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, दूसरी ओर अदालत और जांच एजेंसियां कानून के माध्यम से आतंक के आकाओं को घेर रही हैं। जम्मू-कश्मीर में अब स्थिति तेजी से बदल रही है। सुरक्षा बलों का कठोर अभियान, जनता का समर्थन और आतंकियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई यह संकेत दे रही है कि आतंकवाद की कमर टूट रही है।