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जम्मू और कश्मीर में मौसम का पूर्वानुमान: बारिश और बर्फबारी की संभावना

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने जम्मू और कश्मीर में 30 मार्च तक बादल छाए रहने और ऊंचे क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। 29 और 30 मार्च की शाम को मौसम में बदलाव की उम्मीद है, साथ ही हिमस्खलन और भूस्खलन की चेतावनी भी जारी की गई है। किसानों और यात्रियों को सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। जानें और क्या-क्या है इस मौसम पूर्वानुमान में।
 

मौसम की स्थिति

श्रीनगर: भारत मौसम विज्ञान विभाग (MeT) ने जम्मू और कश्मीर में 30 मार्च तक बादल छाए रहने और ऊंचे क्षेत्रों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। एक अधिकारी के अनुसार, 29 और 30 मार्च की शाम को मौसम में बादल छाने की उम्मीद है, और कई स्थानों पर बारिश और बर्फबारी हो सकती है। इस दौरान तेज़ हवाएं भी चलने की संभावना है, जिनकी गति 40-50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।


आगामी मौसम की भविष्यवाणी

31 मार्च को मौसम में सामान्यतः बादल छाए रहने की संभावना है, और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी के छोटे दौर आ सकते हैं। 1 और 2 अप्रैल के बीच मौसम आंशिक रूप से बादल छाए रहने वाला है, और कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। 3 से 4 अप्रैल तक भी ऐसी ही स्थिति बनी रहने की उम्मीद है।


हिमस्खलन और भूस्खलन की चेतावनी

जम्मू और कश्मीर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि अगले 24 घंटों में बांदीपोरा और गांदरबल ज़िलों में 2,400 मीटर से ऊपर मध्यम स्तर के हिमस्खलन की संभावना है। प्राधिकरण ने निवासियों, ट्रेकर्स और यात्रियों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।


किसानों और यात्रियों के लिए सलाह

मौसम विभाग ने 29 और 30 मार्च की रात के दौरान उत्तरी और मध्य कश्मीर के कुछ ऊंचे क्षेत्रों में मध्यम स्तर की बर्फबारी की चेतावनी दी है। विभाग ने संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन की संभावना के प्रति भी आगाह किया है। किसानों को 30 और 31 मार्च को खेती का काम रोकने की सलाह दी गई है, जबकि यात्रियों से ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने और उसी के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाने को कहा गया है।


सुरक्षा संबंधी निर्देश

प्राधिकरण ने लोगों से आग्रह किया है कि वे इस दौरान ऊंचे इलाकों और हिमस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचें और सुरक्षा संबंधी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें।