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जबलपुर में आरपीएफ ने किन्नर गिरोह का किया पर्दाफाश, यात्रियों से वसूली का मामला

जबलपुर में आरपीएफ ने एक गिरोह का पर्दाफाश किया है जो ट्रेनों में यात्रियों से पैसे वसूल कर रहा था। गिरोह के सदस्य आशीर्वाद के नाम पर यात्रियों को डराते-धमकाते थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों का नेटवर्क आंध्र प्रदेश से जुड़ा है, और उनकी बॉस रेशमा खान है। आरपीएफ ने यात्रियों से अपील की है कि यदि कोई अवैध वसूली करे, तो तुरंत सूचित करें। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और पिछले मामलों के बारे में।
 

जबलपुर में किन्नर गिरोह का खुलासा


जबलपुर समाचार: यदि आप ट्रेनों में यात्रा करते समय किसी से जबरन पैसे मांगने या डराने-धमकाने का सामना करते हैं, तो सतर्क रहें। पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर स्टेशन पर आरपीएफ ने एक गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो यात्रियों से आशीर्वाद के नाम पर पैसे वसूल कर रहा था। वलसाड-पुरी एक्सप्रेस में हंगामे की सूचना मिलने पर आरपीएफ ने तीन किन्नरों को गिरफ्तार किया। शुक्रवार को गाड़ी संख्या 22909 वलसाड पुरी एक्सप्रेस के जनरल कोच में कुछ लोग जबरन वसूली करने लगे।


गवाहों के अनुसार, ये लोग यात्रियों से पैसे मांग रहे थे और मना करने पर उन्हें गालियां और बद्दुआएं दे रहे थे। यात्रियों ने तुरंत रेलवे सुरक्षा बल को इसकी सूचना दी। आरपीएफ पोस्ट प्रभारी राजीव खरब के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। उपनिरीक्षक प्रवीण कुमार और आरक्षक हरिकेश दुबे ने स्टेशन के आउटर पर जाल बिछाया। खाकी वर्दी देखते ही संदिग्ध भागने लगे, लेकिन आरपीएफ के जवानों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया।


आंध्र प्रदेश से जुड़े गिरोह का नेटवर्क

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ने सबको चौंका दिया है। इस गिरोह के तार दक्षिण भारत से जुड़े हैं। 43 वर्षीय बी. नीलीमा, जो गुंटूर (आंध्र प्रदेश) की निवासी हैं, काली और बबली इटारसी के नूरानी मस्जिद इलाके से अपना नेटवर्क चला रहे थे। पूछताछ में पता चला कि इनकी बॉस रेशमा खान है, जो कटनी, जबलपुर और इटारसी के बीच ट्रेनों में आतंक मचाने का काम करती थी।


यह गिरोह मुख्य रूप से जनरल और स्लीपर कोच को निशाना बनाता था। इनका तरीका बेहद चालाक था, पहले प्यार से पैसे मांगना और मना करने पर यात्रियों के साथ बदसलूकी करना। कई यात्री बद्दुआ और लोक-लाज के डर से चुपचाप पैसे दे देते थे। आरपीएफ की जांच में यह भी सामने आया कि ये लोग कार्रवाई के दौरान कुछ दिन गायब हो जाते हैं और फिर से पटरियों पर लौट आते हैं।


पिछले मामलों का खुलासा

14 नवंबर 2025 को आरपीएफ ने कटनी-जबलपुर रूट पर दो फर्जी किन्नरों को गिरफ्तार किया था। ओंकार चौधरी और धर्मेंद्र कोल नाम के ये आरोपी नौकरी न मिलने के कारण इस रास्ते पर उतर आए थे। साड़ी, मेकअप और खास बोलचाल के जरिए ये खुद को असली किन्नर साबित करते थे। पैसे न देने पर यात्रियों के साथ बदसलूकी और धमकी देते थे।


29 अगस्त को भी रेलवे पुलिस ने दो संदिग्ध किन्नरों को पकड़ा था। पूछताछ में पता चला कि वे असल में सगे भाई हैं, जिनकी पहचान उमेश कुमार दहायत और रजनीश कुमार दहायत के रूप में हुई। ये सतना-इटारसी रेलखंड पर नकली किन्नर बनकर यात्रियों से अवैध वसूली कर रहे थे।


आरपीएफ ने पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ रेल अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। यात्रियों से अपील की गई है कि यदि कोई भी अवैध वसूली या बदसलूकी करे, तो तुरंत रेलवे के हेल्पलाइन नंबर पर सूचित करें। फिलहाल पुलिस रेशमा खान और उसके अन्य गुर्गों की तलाश में छापेमारी कर रही है।