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जनरल नरवणे ने आत्मकथा विवाद पर तोड़ी चुप्पी, सरकार का समर्थन बताया

पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने अपनी अप्रकाशित आत्मकथा को लेकर उठे विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार ने उन्हें निर्णय लेने की पूरी स्वतंत्रता दी थी। नरवणे ने बताया कि कठिन परिस्थितियों में सरकार उनके साथ खड़ी रही। इस बीच, उन्होंने एक नई किताब भी लिखी है, जिसमें सशस्त्र बलों से जुड़े कई रोचक किस्से साझा किए गए हैं। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और जनरल नरवणे के विचार।
 

जनरल नरवणे का बयान

पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने अपनी अप्रकाशित आत्मकथा के संदर्भ में उठे राजनीतिक विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने उन आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है, जिनमें कहा गया था कि 2020 में भारत-चीन के बीच हुए गतिरोध के दौरान सरकार ने सेना को 'अकेला' छोड़ दिया था। जनरल नरवणे ने स्पष्ट किया कि कठिन समय में सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी रही।
 उन्होंने कहा कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव के दौरान सरकार ने उन्हें निर्णय लेने की "पूर्ण स्वतंत्रता" दी थी।


सरकार का भरोसा

जनरल नरवणे ने एक चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा, "मैं इसे इस तरह समझता हूँ कि मुझे ऑपरेशन के लिए पूरी आज़ादी दी गई थी, ताकि मैं अपनी समझ के अनुसार निर्णय ले सकूँ; क्योंकि मुझे ज़मीनी हालात की बेहतर जानकारी थी और यह भी पता था कि मेरे सैनिक क्या करने में सक्षम हैं।" उन्होंने आगे कहा, "इस संदर्भ में, मुझे लगता है कि सैन्य नेतृत्व पर छोड़ देना एक बहुत ही सही फ़ैसला था। यह केवल सरकार का अपने सशस्त्र बलों पर भरोसे का स्तर दिखाता है।"


आत्मकथा पर विवाद

इस वर्ष संसद के बजट सत्र की शुरुआत से पहले, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा, "फोर स्टार्स ऑफ़ डेस्टिनी" के एक अंश का हवाला देते हुए सरकार पर आरोप लगाया था कि 2020 के भारत-चीन गतिरोध के दौरान केंद्र सरकार ने पूर्व सेना प्रमुख को अकेला छोड़ दिया था।
गांधी ने इस आत्मकथा को लेकर संसद में भी चर्चा की, जिससे विवाद और बढ़ गया। इसके बाद, दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आत्मकथा के प्रकाशक को एक नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा। नरवणे ने प्रकाशक द्वारा जारी एक बयान साझा किया, जिसमें कहा गया था कि किताब की कोई भी प्रति "छपी हुई या डिजिटल रूप में प्रकाशित, वितरित, बेची" नहीं गई है।


नई किताब का विमोचन

इस बीच, जनरल नरवणे ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर से प्रेरित होकर एक नई किताब लिखी है, जिसका शीर्षक है "The Curious and the Classified: Unearthing Military Myths and Mysteries"। इस किताब में, पूर्व सेना प्रमुख ने सशस्त्र बलों से जुड़े कई रोचक किस्से साझा किए हैं।
प्रकाशकों ने एक बयान में कहा, "चाहे वह बाबा हरभजन की कभी न खत्म होने वाली भावना हो, INS खुखरी का हश्र हो, वायुसैनिकों और उनके कॉल साइन की असाधारण गाथाएँ हों, या फिर सेना के खच्चर 'पेडोंगी' का बेमिसाल साहस हो—आपको यह सब और भी बहुत कुछ इस बेहद मनोरंजक, फिर भी बारीकी से शोध की गई किताब में मिलेगा।"